पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर और शिकंजा कसेगा ईडी

राज्य के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में गिरफ्तार हुए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की संशोधनागार से रिहाई आसान न हो, इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सक्रिय हो गया है.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई नियुक्तियों के घोटाले में गिरफ्तार हुए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की संशोधनागार से रिहाई आसान न हो, इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सक्रिय हो गया है. बताया जा रहा है कि एसएससी के जरिये हुई नियुक्तियों के घोटाले से जुड़े दो अहम मामले पार्थ चटर्जी के खिलाफ ईडी की अहम ‘कड़ी’ बन सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार, इन्हीं मामलों में ईडी पार्थ को शोन अरेस्ट कर अपनी कस्टडी में लेना चाहती है. हालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. पार्थ को ईडी ने वर्ष 2022 में नियुक्ति घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था. तब से अब तक उनके खिलाफ आठ मामले दर्ज हो चुके हैं. जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें एक मामले में जमानत मिली थी. हाल ही में वह सीबीआइ के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी नियुक्तियों से जुड़े घोटाले में भी जमानत पा चुके हैं. बुधवार को सीबीआइ की विशेष अदालत से उन्हें राहत मिली थी, लेकिन अब तक उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं हो पायी है.

ईडी सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने एसएससी के जरिये हुई नियुक्ति घोटाले में दो मामले दर्ज किये हैं. पहला ग्रुप-सी और ग्रुप-डी नियुक्ति घोटाला और दूसरा 9वीं-10वीं तथा 11वीं-12वीं के लिए शिक्षक नियुक्ति घोटाला.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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