पीडीएस घोटाले से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल में सुबह-सुबह ईडी का छापा

ED Raid in Bengal : ‘पीडीएस घोटाले’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की. अधिकारियों के मुताबिक जांच के तहत कई जगहों पर कार्रवाई की गई.

ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में पीडीएस घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने उत्तर 24 परगना में कारोबारी पार्थ सारथी के घर पर छापा मारा है.

ईडी ने शनिवार (25 अप्रैल) को कोलकाता और बर्दवान समेत कई जगहों पर छापेमारी की. अधिकारियों के मुताबिक चुनाव से पहले की जा रही इस कार्रवाई में कई ठिकानों पर जांच जारी है. मामले से जुड़े अहम सुराग तलाशे जा रहे हैं.

करीब नौ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता, बर्दवान और हाबरा (उत्तर 24 परगना) में निरंजन चंद्र साहा समेत सप्लायर और एक्सपोर्टर्स के करीब नौ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है. ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत हो रही है. इस मामले में एजेंसी पहले भी रेड कर चुकी है और अब फिर से जांच तेज कर दी गई है.

बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप

यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला अक्टूबर 2020 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जो बसीरहाट पुलिस ने घोजाडांगा के कस्टम अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की थी. आरोप है कि सरकारी पीडीएस योजना के तहत मिलने वाला गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई. बताया जा रहा है कि सप्लायर, डीलर और बिचौलियों ने मिलकर इस गेहूं को सस्ते में खरीदकर अवैध तरीके से बेचा, जिससे सरकारी योजना को भारी नुकसान हुआ.

ईडी का क्या है दावा

ईडी का कहना है कि सप्लाई चेन से बड़ी मात्रा में गेहूं को चोरी-छिपे निकालकर अलग-अलग जगहों पर जमा किया गया. फिर इसकी पहचान छिपाने के लिए एफसीआई और राज्य सरकार के निशान वाले असली बोरे हटाकर या उलटकर नए सिरे से भरे गए. इस तरह गेहूं को वैध स्टॉक दिखाकर खुले बाजार में बेचा गया या बाहर भेजने की कोशिश की गई.

ज्योति प्रिय मलिक को किया जा चुका है गिरफ्तार

इस मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योति प्रिय मलिक समेत कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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