बंगाल में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, पूर्व IPS अफसर से जुड़े उगाही रैकेट की जांच तेज

ED Raid : पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी से हड़कंप मच गया है. शुक्रवार सुबह से जांच एजेंसी कई जगहों पर तलाशी ले रही है. जानें पूरा मामला.

ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (22 मई) सुबह पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित उगाही रैकेट मामले में की गई. मामले में अपराधी बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास का नाम सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक कारोबारी के घर और एक होटल में छापेमारी की. इसके अलावा कोलकाता पुलिस के एक अन्य सब-इंस्पेक्टर के घर पर भी तलाशी ली गई. वहीं, ईडी की एक टीम मुर्शिदाबाद के कांडी स्थित संतनु सिन्हा बिस्वास के घर भी पहुंची. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई.

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, ED ने सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा विश्वास से जुड़े मामले में कोलकाता और मुर्शिदाबाद में नौ ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दायरे में एमडी अली उर्फ मैक्स राजू, शांतनु सिन्हा विश्वास के भतीजे सौरव अधिकारी और मुर्शिदाबाद स्थित बिस्वास के ठिकाने भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों और अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई. जांच एजेंसियों को शक है कि उगाही नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग इन ठिकानों से मिल सकते हैं.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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