नदीमुल हक पर छापे की कार्रवाई पूरी, ईडी का दावा- 60 करोड़ की गड़बड़ी मिली, टीएमसी ने कहा- ये ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’

ED Raids TMC MP Nadim Ul Haque: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक से जुड़े उर्दू अखबार के ठिकानों पर छापेमारी के बाद 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया है. टीएमसी ने इसे ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ का हिस्सा बताया है.

ED Raids TMC MP Nadim Ul Haque: पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद के ठिकानों पर छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि जांच में 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है. वहीं, टीएमसी ने दावा किया है कि सेंट्रल एजेंसी की यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ का हिस्सा है. ईडी ने अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है.

नदीमुल के अखबार पर क्या हैं आरोप?

  • कथित तौर पर सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली सामग्री का प्रकाशन.
  • ‘बिना हिसाब’ के नकद लेन-देन करना.
  • संदिग्ध स्रोतों से धन प्राप्त करना.
  • अखबार ने सरकारी विज्ञापन हासिल करने के लिए अपने प्रसार को ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ बताया.
  • अखबार को अधिकांश धन तत्कालीन टीएमसी सरकार से एक विज्ञापन एजेंसी के माध्यम से मिला, जिसके संबंध दुबई की एक इकाई से हैं.

24 घंटे से अधिक चली छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक से जुड़े एक उर्दू अखबार के परिसरों में 24 घंटे से अधिक समय तक चली छापेमारी के बाद मंगलवार को बताया कि उसने करीब 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है. हक और उनके मीडिया प्रतिष्ठान से जुड़े परिसरों में तलाशी सोमवार सुबह शुरू हुई थी और मंगलवार तड़के पूरी हुई.


कोलकाता में नदीमुल हक के अखबार के दफ्तर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी.

ये भी पढ़ें: टीएमसी संसद नदीमुल हक के खिलाफ ईडी का एक्शन, मनी लाउंडरिंग केस में कोलकाता से दिल्ली तक छापे, देखें वीडियो

7 ठिकानों पर ईडी ने की थी छापेमारी

  • ईडी ने मनी लाउंडरिंग की जांच के तहत नदीमुल हक और ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़े 7 ठिकानों की तलाशी ली
  • दिल्ली में नदीमुल हक के आवास पर सोमवार सुबह को शुरू हुई छापेमारी रात करीब 10:20 बजे तक चली.
  • राज्यसभा सांसद के आवास का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में भी होता है.

डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही ईडी

ईडी के एक अधिकारी ने कहा- लेन-देन की कड़ी का पता लगाने और जांच के दायरे में आयी रकम के स्रोत का पता लगाने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी अखबार से जुड़े कथित अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या कुछ रकम हवाला के जरिये भेजी गयी थी.

हमारे सांसद मजबूत हैं, जिनमें रीढ़ की हड्डी है. वे आपके कितना भी प्रयास करने के बावजूद नहीं झुकेंगे. -तृणमूल कांग्रेस

ये भी पढ़ें: 290 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में कोलकाता और हावड़ा में 11 ठिकानों पर ईडी के छापे

नदीमुल हक से कोलकाता में हुई पूछताछ

अधिकारी ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की तथा कोलकाता स्थित हक के आवास और कार्यालय में उनसे पूछताछ की. उन्होंने बताया कि ईडी के अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से कथित तौर पर जुड़ी रकम के लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं. जांच अधिकारियों को करीब 60 करोड़ रुपए के ऐसे लेन-देन से संबंधित विसंगतियां मिली हैं, जिनके समर्थन में उन्हें तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिल सके. एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि ये लेन-देन वास्तव में कारोबारी सौदे थे या यह रकम हवाला समेत अनौपचारिक माध्यमों से भेजी गयी थी.

तृणमूल कांग्रेस के दावे

  • दिल्ली में ईडी की छापेमारी दोपहर करीब 1 बजे पूरी हो गयी थी, लेकिन अधिकारी लगभग 10 घंटे तक घर में टिके रहे.
  • ‘अखबार-ए-मशरिक’ के प्रसार संख्या से जुड़े आरोप करीब 12 घंटे तक छापे का आधार बन सकता है?
  • जांच के तहत एजेंसी ने एक ऐसे व्यक्ति का बयान दर्ज किया, जिसे उर्दू भाषा का ज्ञान तक नहीं था.
  • ‘बिटकॉइन’ से जुड़े हक के वित्तीय लेन-देन वैध थे और उन्होंने टैक्स का विधिवत भुगतान किया था.
  • ईडी अधिकारियों ने हक से कहा- अगर आप सही रास्ते पर चलते हैं, तो यह मामला आसानी से सुलझ सकता है.

ये भी पढ़ें: कोलकाता में I-PAC के दफ्तर पर ईडी के छापे, विरोध में सड़क पर उतरेंगी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

रात को रांची से कोलकाता लाये गये सांसद

दिल्ली और रांची में भी 7 जगहों पर तलाशी ली गयी. कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में अखबार के कार्यालय और हक से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गयी. ईडी के अधिकारी ने बताया कि जब छापेमारी शुरू हुई, तब तृणमूल सांसद रांची में थे. इसके बाद उन्हें सोमवार रात कोलकाता लाया गया और उनके आवास एवं कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गयी.

नदीमुलक हक ने समझौते से किया इनकार : टीएमसी

हक के खिलाफ कार्रवाई पर तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि उसके राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक के दिल्ली स्थित आवास पर ईडी का छापा ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ का हिस्सा है. यह उन पार्टी जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, जो दल बदलने के लिए तैयार नहीं हैं. तृणमूल का दावा है कि पार्टी के एक पूर्व नेता ने नदीमुल हक से संपर्क कर उनसे कहा था कि वह दलबदल कर लें, लेकिन सांसद ने किसी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया.

ये भी पढ़ें: बंगाल में ईडी का एक्शन : तृणमूल के 3 बैंक खातों में जमा 440 करोड़ रुपए फ्रीज, टीएमसी ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध

कौन हैं नदीमुल हक| Who is Nadim-Ul-Haq

नदीमुल हक (56) ‘अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक हैं. यह संस्था उर्दू दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन करती है. धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी का मामला बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है. नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद भी हैं.

अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं

बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद ईडी की ओर से प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज किये जाने के आधार पर शुरू हुई जांच. मामले में अवैध और बेहिसाबी वित्तीय लेन-देन तथा संदिग्ध स्रोतों से रकम मिलने के आरोप शामिल हैं. ईडी ने इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >