कोलकाता से मनोरंजन कुमार सिंह की रिपोर्ट
तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चुनाव आयोग तक पहुंच गया है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने गुरुवार को दोनों विरोधी खेमों को अलग-अलग समय पर सुनवाई के लिए तलब किया है. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे को दोपहर तीन बजे और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे को शाम चार बजे अपनी दलीलें रखने के लिए बुलाया गया है.
उपचुनाव को देखते हुए अहम सुनवाई
जानकारी के अनुसार, आयोग गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ को लेकर अंतरिम आदेश जारी कर सकता है. दोनों खेमों ने छह अक्तूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव में अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं और इसी चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किया है.
दोनों खेमों ने दस्तावेज सौंपे
बुधवार को दोनों खेमों के लिए अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख थी. उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की भी बुधवार को अंतिम तिथि थी. गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच की जानी है.
संगठनात्मक ढांचे की भी होगी जांच
आयोग फिलहाल तृणमूल पर नियंत्रण को लेकर दोनों खेमों के दावों की सुनवाई कर रहा है. इसमें पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की वैधता जैसे मुद्दे भी शामिल हैं. आयोग ने अब तक पार्टी के भीतर विवाद को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है.
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सिंबल पर क्या हो सकते हैं विकल्प
तृणमूल के एक पदाधिकारी के अनुसार, आयोग चुनाव चिह्न के इस्तेमाल की अनुमति किसी एक खेमे को दे सकता है या दोनों को इससे वंचित कर सकता है. हालांकि, आयोग के पास अन्य विकल्प भी हो सकते हैं. गुरुवार की सुनवाई और संभावित अंतरिम आदेश से उपचुनाव में चुनाव चिह्न को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.
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