Droupadi Murmu Mamata Banerjee Controversy: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में एक आदिवासी सांसद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू ने रविवार को आरोप लगाया कि बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है.
राष्ट्रपति की अगवानी के लिए नहीं पहुंचीं ममता बनर्जी
राष्ट्रपति ने शनिवार को सिलीगुड़ी के पास आयोजित एक कार्यक्रम का स्थान बदले जाने और राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए मुख्यमंत्री या उनके किसी वरिष्ठ मंत्री के नहीं आने पर नाराजगी जतायी थी. इसके बाद ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. ममता बनर्जी के व्यवहार पर आदिवासी समुदाय से आने वाले मालदा उत्तर के भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों की गरिमा का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
बंगाल की ‘बादशाह’ की तरह व्यवहार कर रहीं ममता बनर्जी – मुर्मू
खगेन मुर्मू ने कहा कि केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल के ‘बादशाह’ की तरह व्यवहार कर रही हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी के पास आयोजित अंतरराष्ट्रीय संताली सम्मेलन में आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि ममता बनर्जी उनकी ‘छोटी बहन’ जैसी हैं. साथ ही सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री उनके दौरे से नाराज थीं, क्योंकि कार्यक्रम में न तो वह खुद आयीं, न ही कोई मंत्री मौजूद रहा.
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ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति की नाराजगी के कुछ घंटे बाद ही ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ‘भाजपा के इशारे पर बोल रही हैं’. ममता बनर्जी ने मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों के खिलाफ कथित अत्याचारों पर राष्ट्रपति की ‘चुप्पी’ पर भी सवाल उठाया.
संवैधानिक मानदंड को नहीं मानतीं ममता – शंकर घोष
राष्ट्रपति के खिलाफ ममता बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक शंकर घोष ने कहा कि इससे एक बार फिर साबित हो गया कि राज्य की मुख्यमंत्री किसी भी संवैधानिक मानदंड को नहीं मानतीं. राज्य विधानसभा में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक घोष ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति के अपमान की विस्तृत जांच करानी चाहिए. राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
शशि पांजा ने उठाया एसआईआर का मुद्दा
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने खगेन मुर्मू की आलोचना करते हुए सवाल किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिलाओं के नाम हटाये जाने पर वह सवाल क्यों नहीं उठा रहे हैं. तृणमूल नेता ने कहा- इन महिलाओं को भी वंचित किया गया है, लेकिन भाजपा उनके बारे में बात नहीं करती.
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