कोलकाता.
एसआइआर प्रक्रिया की सुनवाई पूरी होने के बाद यह पता चला है कि बड़े पैमाने पर वोटरों के दस्तावेज अभी भी ऑनलाइन अपलोड नहीं किये गये हैं. राज्य के सीइओ कार्यालय की जानकारी के अनुसार एक लाख 14 हजार 772 वोटरों के दस्तावेज अपलोड नहीं हुए हैं, जिसके मद्देनजर इआरओ और एइआरओ को शोकॉज नोटिस भेजा जायेगा.जिलावार आंकड़ों के अनुसार, कूचबिहार में 10,479, दक्षिण दिनाजपुर में 10,285, उत्तर कोलकाता में 15,031 और उत्तर 24 परगना में 20,707 दस्तावेज अभी भी सिस्टम में अपलोड नहीं किये गये हैं. हावड़ा में 10,499 दस्तावेज अपलोड बाकी हैं, जबकि दार्जिलिंग, हुगली और दक्षिण 24 परगना में भी पांच हजार से अधिक दस्तावेज अपलोड करने शेष हैं. मालदा, झाड़ग्राम और कालिम्पोंग में अपलोड संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है.जानकारी के अनुसार, डीइओ को पहले ही सूचित किया गया था कि कितने दस्तावेज नोटिफाइड डॉक्यूमेंट हैं, इसका अलग हिसाब देना होगा. हावड़ा ने नोटिफाइड दस्तावेज जमा किये हैं, लेकिन दक्षिण 24 परगना से अभी तक ऐसा कोई दस्तावेज जमा नहीं हुआ है.
पुत्र शेख राजेश अली तो पिता भुवन चंद्र बेरा, चुनाव आयोग को भेजी गयी रिपोर्ट : वोटर का नाम शेख राजेश अली है. उनके पिता का नाम भुवन चंद्र बेरा है. सुपर चेकिंग के दौरान पूर्व मेदिनीपुर के पांसकुड़ा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में पर्यवेक्षकों को अजीब जानकारी मिली. एइआरओ ने उस रिश्ते की जानकारी किस आधार पर अपलोड की, उन्होंने यह सवाल उठाया. पर्यवेक्षक के अनुसार बिना किसी जानकारी के वह लिंक कैसे बना? पर्यवेक्षक इस घटना पर दिल्ली में चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट भेज रहे हैं. राज्य में एसआइआर के तहत सुनवाई का काम पूरा हो गया है. अब वेरिफिकेशन का काम आखिरी चरण में है. जांच के दौरान पर्यवेक्षक को यह जानकारी मिली कि एक वोटर का नाम शेख राजेश अली है, जबकि उसके पिता का नाम भुवन चंद्र बेरा है, जबकि असल में विजय कृष्ण बेरानामक वोटर के पिता के नाम भुवन चंद्र बेरा है. पर्यवेक्षक ने सवाल उठाया कि गलत जानकारी कैसे अपलोड की गयी.