उत्तरपाड़ा में वार रूम को लेकर तृणमूल कांग्रेस में बढ़ी नाराजगी

दीदी का चेहरा जब तक चलेगा, किसी और के चेहरे की जरूरत नहीं होगी. और जिस दिन यह चेहरा हटेगा, सभी के चेहरे पर कालिख लग जायेगी.

विधायक की कम उपस्थिति को लेकर विवाद

प्रतिनिधि, हुगली.

दीदी का चेहरा जब तक चलेगा, किसी और के चेहरे की जरूरत नहीं होगी. और जिस दिन यह चेहरा हटेगा, सभी के चेहरे पर कालिख लग जायेगी. स्थानीय तृणमूल नेतृत्व के एक वर्ग की इस टिप्पणी के बाद उत्तरपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. विधानसभा क्षेत्र के वार रूम संचालन को लेकर भी पार्टी के भीतर असंतोष उभरकर सामने आया है. आरोप है कि विधायक कंचन मल्लिक की क्षेत्र में उपस्थिति बेहद कम रहने के कारण वार रूम की जिम्मेदारी स्थानीय पार्षदों को दे दी गयी, जिससे तृणमूल कांग्रेस के एक हिस्से में नाराजगी है.

हाल ही में उत्तरपाड़ा विधानसभा (185) क्षेत्र में मतदाता अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से वार रूम का उद्घाटन किया गया. यह वार रूम उत्तरपाड़ा नगरपालिका के 17 नंबर वार्ड में स्थापित किया गया है. उद्घाटन श्रीरामपुर लोकसभा के सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने किया. लेकिन वार रूम के गठन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ पार्षद तथा जिला उपाध्यक्ष तापस मुखर्जी ने स्पष्ट कहा कि पूरे बंगाल में पार्टी निर्देशानुसार संबंधित क्षेत्र के विधायकों को ही वार रूम की जिम्मेदारी दी गयी है, जबकि उत्तरपाड़ा में अपवादस्वरूप यह जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को सौंप दी गयी है.

तृणमूल पार्षद तापस मुखर्जी ने यह भी कहा कि विधायक को उद्घाटन समारोह में उपस्थित होना चाहिए था. संभवतः उनके क्षेत्र में कम सक्रिय रहने के कारण किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गयी है.

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Published by: Subodh kumar singh

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