बंगाल चुनाव 2026: दिलीप घोष की संपत्ति में बंपर उछाल, अब हैं ‘कर्जमुक्त’, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब भी करोड़ों के मालिक

Dilip Ghosh Net Worth 2026 Affidavit: भाजपा नेता दिलीप घोष और टीएमसी के गौतम देब ने करोड़ों की संपत्ति घोषित की है. दिलीप घोष अब कर्जमुक्त हो गये हैं. गौतम देब पर कोई आपराधिक केस नहीं है. दोनों दिग्गजों के हलफनामे की पूरी डिटेल यहां पढ़ें.

Dilip Ghosh Net Worth 2026 Affidavit: पश्चिम बंगाल में नेताओं की संपत्ति के राज खुलने लगे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड नेता दिलीप घोष और सिलीगुड़ी से तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता गौतम देब ने अपनी संपत्ति करोड़ों में घोषित की है. विधानसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को दोनों दिग्गजों ने चुनावी हलफनामा सौंप दिया है. इन दस्तावेजों से पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में इन नेताओं की संपत्ति में बड़ा बदलाव आया है. दिलीप घोष अब पूरी तरह कर्जमुक्त हो चुके हैं. गौतम देब करोड़ों की अचल संपत्ति के मालिक हैं.

Dilip Ghosh Net Worth: 2016 में 30 लाख, अब 2 करोड़ के मालिक

खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार दिलीप घोष की संपत्ति में पिछले 10 वर्षों में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है.

  • संपत्ति का ग्राफ : वर्ष 2016 में जब दिलीप घोष ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब उनकी कुल संपत्ति मात्र 30.29 लाख रुपए थी. 2024 के लोकसभा चुनाव में 1.82 करोड़ और अब 2026 में बढ़कर 2 करोड़ रुपए के करीब पहुंच गयी है.
  • कैश और चल संपत्ति : दिलीप घोष के पास 3.5 लाख रुपए नकद और 28.75 लाख रुपए की चल संपत्ति है. उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार के पास 50 लाख रुपए नकद और 22.98 लाख की चल संपत्ति है.
  • अचल संपत्ति : दिलीप घोष के पास पश्चिम मेदिनीपुर में 40 लाख रुपए की कृषि भूमि और कोलकाता के लेदर कॉम्प्लेक्स इलाके में 1.42 करोड़ रुपए का एक फ्लैट है.
  • राहत की बात : इस बार के हलफनामे में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने खुद को पूरी तरह कर्जमुक्त बताया है.

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Gautam Deb Net Worth: 4.52 करोड़ की संपत्ति, कोई ‘दाग’ नहीं

सिलीगुड़ी के मेयर और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार गौतम देब संपत्ति के मामले में दिलीप घोष से काफी आगे हैं.

  • कुल संपत्ति : गौतम देब ने अपनी कुल चल और अचल संपत्ति 4.52 करोड़ रुपए से अधिक घोषित की है.
  • आय के स्रोत : कानून में स्नातक गौतम देब की आय कानूनी परामर्श (वकालत), पूर्व विधायक की पेंशन और बैंक से मिलने वाले ब्याज से होती है. वित्त वर्ष 2024-25 में उनकी सालाना आय 18.02 लाख रुपए रही.
  • साफ छवि : उनके हलफनामे की सबसे बड़ी बात यह है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है और न ही उन्हें कभी दोषी ठहराया गया है.
  • नकदी और बैंक बैलेंस : गौतम देब के पास 1.03 लाख रुपए नकद हैं. उनकी अचल संपत्ति का बाजार मूल्य 2.94 करोड़ रुपए है, जिसमें एक तीन मंजिली इमारत भी है.

हार का बदला लेने की चुनौती

दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही दिग्गज नेता पिछला चुनाव हार चुके हैं. दिलीप घोष वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव बर्धमान-दुर्गापुर सीट से हार गये थे. गौतम देब 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में डाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से मात खा गये थे. अब बंगाल के दो दिग्गज नेता 2026 के रण में अपनी साख और संपत्ति के साथ जनता की अदालत में हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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