सागर द्वीप पहुंचने लगे श्रद्धालु पुण्य स्नान 14-15 जनवरी को
गंगासागर मेला. आउट्राम घाट में उमड़ी तीर्थयात्रियों की भीड़
कोलकाता. दक्षिण 24 परगना के सागरद्वीप में गंगासागर मेला शुरू हो चुका है. पुण्य स्नान 14 जनवरी बुधवार अपराह्न 1.19 बजे से आरंभ होकर अगले दिन गुरुवार दोपहर 1.19 बजे तक चलेगा. हालांकि पुण्य स्नान से पहले ही रविवार से श्रद्धालुओं का मोक्ष नगरी गंगासागर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु रविवार सुबह से ही सागर आइलैंड पहुंचने लगे हैं. इसी बीच, शुक्रवार को गंगासागर मेला ग्राउंड में बने एक अस्थायी पुलिस कैंप में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और अधिक सतर्क हो गया है. किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए मेला परिसर में सभी बिजली के तारों, कनेक्शनों और टेम्परेरी लाइनों की दोबारा गहन जांच की गयी है.
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शुक्रवार देर रात आग लगने की घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा इंतजाम और सख्त कर दिये गये हैं. मेला परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त अग्निशमन यंत्र लगाये गये हैं. दमकल विभाग ने भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है. आग में क्षतिग्रस्त हुए टेंट और अस्थायी कैंपों को दोबारा तैयार कर लिया गया है, ताकि तीर्थयात्रियों के ठहरने में किसी तरह की परेशानी न हो.इस वर्ष बढ़ सकती है भीड़
प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष कुंभ मेला न होने के कारण गंगासागर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है. इसी वजह से सुरक्षा और प्रबंधन के स्तर पर किसी तरह की ढील नहीं दी जा रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्य के कई मंत्री पहले ही काकद्वीप और सागर क्षेत्र में मेला प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.पुलिस, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन बल के समन्वय से पूरे मेला क्षेत्र पर कड़ी नजर रखी जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों तीर्थयात्री शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पुण्य स्नान कर सकें. इसके साथ ही यातायात नियंत्रण और फेरी सेवाओं को सामान्य बनाये रखने की कोशिश की जा रही है.
भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गयी है और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखा गया है. कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके और श्रद्धालु अपनी यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी कर सकें. सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिये गये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
