भारत-पाक तनाव : राज्य के अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, विभाग सतर्क

भारत-पाक सीमा पर युद्धविराम के बावजूद तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं. बढ़ते साइबर हमले की आशंका के चलते राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर अपनी वेबसाइट आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दी है. हालांकि, ओपीडी टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग जारी है.

कोलकाता.

भारत-पाक सीमा पर युद्धविराम के बावजूद तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं. बढ़ते साइबर हमले की आशंका के चलते राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर अपनी वेबसाइट आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दी है. हालांकि, ओपीडी टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग जारी है.स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों को उनके बुनियादी ढांचे और व्यवस्थाओं की जानकारी देने का निर्देश दिया है. साथ ही, सभी अस्पतालों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है. राज्य सरकार ने पहले ही सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, जिनमें अस्पताल स्टाफ भी शामिल हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में ब्लैकआउट संभव नहीं है, क्योंकि इलाज, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय सेवाएं रोशनी में ही संभव हैं.

इसके अलावा, ज्यादातर अस्पताल अब बहुमंजिली इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जिससे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. इस विषय में योजनाएं बनायी जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तीव्र प्रतिक्रिया दी जा सके.

कोलकाता मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और वाइस प्रिंसिपल प्रो डॉ अंजन अधिकारी ने बताया : हमें बुनियादी ढांचे को तैयार रखने का निर्देश मिला है. हम दवाओं, ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता की गणना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में स्ट्रेचर पर भी इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है.

एनआरएस मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो डॉ इंदिरा दे पाल ने कहा : कोविड महामारी ने हमें बहुत कुछ सिखाया है. हम हर समय आपात सेवाएं देने के लिए तैयार रहते हैं. डॉक्टरों और नर्सों की सीमित संख्या के बावजूद, हम हर हाल में मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करेंगे. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कई अस्पतालों में महामारी के समय लगाये गये अतिरिक्त बेड और ऑक्सीजन लाइनों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें पुनः सक्रिय किया जा सके. चित्तरंजन सेवा सदन के प्रिंसिपल प्रो डॉ आशीष मुखर्जी ने कहा : यहां करीब 250 बच्चे और उनकी माताएं भर्ती हैं. उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी है और हम हर स्थिति से निबटने को तैयार हैं.

ज्ञात हो कि अंतरराष्ट्रीय जिनेवा कन्वेंशन के तहत अस्पतालों पर हमले प्रतिबंधित हैं, लेकिन वैश्विक परिदृश्य में इसके उल्लंघन के उदाहरण (जैसे यूक्रेन और गाजा) सामने आये हैं, इसीलिए राज्य सरकार अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Bijay kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >