बांग्ला नववर्ष : कतला, चिंगड़ी भेटकी व हिल्सा की मांग अधिक

पोइला बोइशाख (बांग्ला नववर्ष) के अवसर पर मछली की मांग बढ़ जाती है. खासकर हिल्सा और किंग प्रॉन (चिंगड़ी) जैसी मछलियों की मांग नये साल में अधिक रहती है.

By AKHILESH KUMAR SINGH | April 14, 2025 1:32 AM

हावड़ा. पोइला बोइशाख (बांग्ला नववर्ष) के अवसर पर मछली की मांग बढ़ जाती है. खासकर हिल्सा और किंग प्रॉन (चिंगड़ी) जैसी मछलियों की मांग नये साल में अधिक रहती है. मछली बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमडती है. इस दिन केवल हिल्सा और चिंगड़ी ही नहीं, बल्कि अन्य मछलियां जैसे रोहू, कतला सहित अन्य मछलियों की भी मांग रहती है. नववर्ष में मछलियों की कीमत 10 से 15 फीसदी प्रति किलो अधिक रहती है. हालांकि बांग्लादेश सरकार द्वारा हिल्सा मछली के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पश्चिम बंगाल के मछली प्रेमियों पर निराशा रहती है.

हावड़ा होलसेल फिश मार्केट बाजार के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने कहा कि नये साल के दिन हावड़ा मछली बाजार में बाकी दिनों की अपेक्षा 20 से 25 फीसदी अधिक कारोबार होता है. हिल्सा मछली के अलावा कतला, चिंगड़ी, भेटकी और हिल्सा की बिक्री इस दिन अधिक होती है.

चूंकि बांग्लादेश सरकार ने हिल्सा मछली के निर्यात पर रोक लगायी है, इसलिए बर्मा (अब म्यांमार) की हिल्सा मछली मछली विक्रेता खरीदते हैं. उन्होंने कहा कि हावड़ा मछली बाजार में म्यांमार की हिल्सा मछली उपलब्ध है. उम्मीद है कि नये साल के दिन मछली का कारोबार अच्छा होगा.

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