कॉलेज सर्विस कमीशन ने एडेड कॉलेजों से एक फरवरी तक मांगे रिक्विजिशन

पश्चिम बंगाल कॉलेज सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीसीएससी) ने राज्य के सभी सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों से असिस्टेंट प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर रिक्तियों के लिए रिक्विजिशन जमा करने को कहा है.

असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामला

संवाददाता, कोलकाता

पश्चिम बंगाल कॉलेज सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीसीएससी) ने राज्य के सभी सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों से असिस्टेंट प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर रिक्तियों के लिए रिक्विजिशन जमा करने को कहा है. इसे नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. कमीशन द्वारा जारी नोटिस में कॉलेजों को एक फरवरी तक निर्धारित फॉर्मेट में रिक्विजिशन जमा करने का निर्देश दिया गया है. रिक्विजिशन में जनरल डिग्री कॉलेजों और टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में सेवानिवृत्ति, इस्तीफा, मृत्यु, बर्खास्तगी अथवा नये पदों के सृजन से उत्पन्न सभी मौजूदा और संभावित रिक्तियों का विवरण शामिल करना अनिवार्य होगा. कमीशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिक्विजिशन के साथ आरक्षण रोस्टर की प्रमाणित प्रति, रिक्त एवं नवसृजित पदों से संबंधित सरकारी आदेश तथा गवर्निंग बॉडी के प्रस्ताव संलग्न करना अनिवार्य होगा.

जिन कॉलेजों ने पहले ही रिक्विजिशन जमा कर दी है, उन्हें दोबारा रिक्विजिशन भेजने की आवश्यकता नहीं है. अधिकारियों के अनुसार, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) के परिणाम घोषित होने के बाद ही नियुक्ति से संबंधित आगे की कार्रवाई की जायेगी. 27वीं सेट परीक्षा 14 दिसंबर, 2025 को आयोजित की गयी थी और मूल्यांकन प्रक्रिया में सामान्यतः कम से कम डेढ़ माह का समय लगने के कारण इसके परिणाम फरवरी के आसपास आने की संभावना है. कमीशन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नियुक्ति अधिसूचना पर सेट के परिणाम आने के बाद ही विचार किया जायेगा, ताकि नये योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर मिल सके. पूरे नियुक्ति चक्र में लगभग तीन वर्ष तक का समय लग सकता है.

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