फोरम फॉर दुर्गोत्सव से निगम की बातचीत कोलकाता. दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के बड़ी छोटे सड़के विज्ञापन वाले होर्डिंग्स व बैनर से पटा दिखता है. लेकिन कोलकाता नगर निगम इन विज्ञापनों से किसी तरह की शुल्क की वसूली नहीं करता है. विज्ञापन शुल्क सीधे पूजा कमेटियों के खाते में जमा होता है. लेकिन पूजा समाप्त होने के बाद भी कुछ विज्ञापन वाले होर्डिंग्स को हटाया नहीं जाता है. पूजा कमेटियों की उदासीनता के कारण ऐसे होता है. इस वजह से कोलकाता नगर निगम नाराज है. शुक्रवार को निगम में आयोजित टॉक टू मेयर कार्यक्रम के समाप्त होने पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूछे गये एक सवाल के संबंध में मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि अगले साल से ऐसे विज्ञापनदाताओं पर नकेल कसी जायेगी. उन्होंने कहा कोलकाता में पूजा कमेटियों के आस पास के क्षेत्र में लगाये जाने वाले विज्ञापनों से हम शुल्क नहीं वसूलते हैं. सीएम ममता बनर्जी के निर्देश पर ऐसा किया जाता है. लेकिन कुछ विज्ञापनदाता एजेंसियां पूजा कमेटियों की आंख में धूल झोंक कर उत्सव के समाप्त होने के बाद भी होर्टिंग्स को नहीं हटाये. पर अगले साल से विज्ञापन जाता ऐसा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि अगले साल से विज्ञापनों के बैनर व होर्डिंग्स पर संबंधित पूजा कमेटी का नाम लिखाना होगा. साथ ही पूजा कमेटियों को भी यह बताना होगा कि उनके पूजा मंडपों के आस-पास कहां तक उनके द्वारा विज्ञापन वाले होर्डिंग्स लगाये गये हैं. यहीं नहीं पूजा समाप्त होते ही पूजा कमेटियों को विज्ञापन वाले होर्डिंग्स हटाने होंगे. उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर फोरम फॉर दुर्गोत्सव के साथ ही बातचीत हो चुकी है.
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