क्रांतिकारी भूपति मजूमदार की मूर्ति स्थापना को लेकर तृणमूल में विवाद

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विप्लवी ( क्रांतिकारी) भूपति मजूमदार की मूर्ति स्थापना को लेकर तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गयी है.

विधायक ने किसी विवाद से किया इनकार

प्रतिनिधि, हुगली.

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विप्लवी ( क्रांतिकारी) भूपति मजूमदार की मूर्ति स्थापना को लेकर तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गयी है. हुगली के गुप्तिपाड़ा के मूल निवासी भूपति मजूमदार बाद में चुंचुड़ा में बस गये थे. वह विधान चंद्र राय के समय कांग्रेस के विधायक थे और चटगांव शस्त्रागार लूट कांड सहित कई मामलों में जेल जा चुके थे. उन्हें चुंचुड़ा के विकास का शिल्पकार भी माना जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए दो किलोमीटर लंबा बांध बनवाया था. अब उसी बांध के ऊपर उनकी आवक्ष मूर्ति स्थापित की गयी है. लेकिन इस मूर्ति स्थापना को लेकर तृणमूल कांग्रेस के अंदर टकराव शुरू हो गया है.

मूर्ति स्थापना पर आपत्ति, वॉर्ड के तृणमूल पार्षद नाराज

चुंचुड़ा नगरपालिका के वॉर्ड नंबर 6 के तृणमूल पार्षद झंटु विश्वास ने आरोप लगाया कि इस मूर्ति के लिए किसी से अनुमति नहीं ली गयी. उन्होंने इसे अवैध तरीके से स्थापित बताया और कहा कि नगरपालिका को इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी थी. झंटु विश्वास को मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गयी.

उन्होंने कहा कि उनके इलाके के लोगों से बातचीत कर मूर्ति स्थापना के लिए तीन वैकल्पिक स्थान सुझाये थे, लेकिन नगर पालिका से कोई अनुमति लिए बिना पार्क के प्रवेश द्वार पर मूर्ति रख दी गयी. उन्होंने विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग विधायक के साथ जा रहे हैं, वे कुछ पाने की लालसा में हैं. वे पार्टी के लिए काम करते हैं, लेकिन विधायक सिर्फ अपने लोगों को देखते हैं. जो उनकी चापलूसी करेगा, वही उनके लिए अच्छा होगा. वे पार्टी की नीतियों की परवाह नहीं करते है.

विधायक बोले, कोई विवाद नहीं, सब कुछ नियमानुसार हुआ

इस कार्यक्रम में चुंचुड़ा के विधायक असित मजूमदार, नगरपालिका के वाइस चेयरमैन पार्थ साहा और विधायक के करीबी कुछ अन्य पार्षद शामिल हुए, लेकिन नगर पालिका के चेयरमैन अमित राय मौजूद नहीं थे. झंटु विश्वास के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक असित मजुमदार ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है. कुछ दिन पहले ही एक बैठक हुई थी, जिसमें चेयरमैन और पार्षद भी मौजूद थे. झंटु को मूर्ति स्थापना की जानकारी थी. नगरपालिका की बोर्ड बैठक में इसकी अनुमति दी गयी थी, और स्थान का सत्यापन भी किया गया था. हो सकता है कि किसी को कोई व्यक्तिगत काम रहा हो, लेकिन यह कोई पार्टी का कार्यक्रम नहीं था. हालांकि, इस पूरे विवाद के बाद चुंचुड़ा में तृणमूल कांग्रेस के अंदर असंतोष खुलकर सामने आ गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Subodh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >