चाय श्रमिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करे आयोग

एसआइआर की प्रक्रिया के कारण राज्य के चाय बागान श्रमिकों की परेशानियां बढ़ गयी हैं. चुनाव आयोग द्वारा एसआइआर के लिए जिन दस्तावेजों (जैसे जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट) को मान्य किया गया है, वे बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों के पास उपलब्ध नहीं हैं.

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एसआइआर को लेकर चुनाव आयोग को लिखा पत्र

प्रतिनिधि, कोलकाता

एसआइआर की प्रक्रिया के कारण राज्य के चाय बागान श्रमिकों की परेशानियां बढ़ गयी हैं. चुनाव आयोग द्वारा एसआइआर के लिए जिन दस्तावेजों (जैसे जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट) को मान्य किया गया है, वे बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों के पास उपलब्ध नहीं हैं. इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब चुनाव आयोग को पत्र लिखा गया है. विधानसभा में नेता, प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग के सीइओ को पत्र भेजकर चाय बागान श्रमिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किये जाने की मांग की है. इसकी जानकारी उन्होंने मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी. इस अवसर पर अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद मनोज टिग्गा और फालाकाटा से पार्टी विधायक दीपक बर्मन भी मौजूद थे.

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि चाय श्रमिकों के मुद्दे पर सबसे पहले पार्टी के दार्जिलिंग से सांसद राजू बिस्ता ने राज्य के चुनाव आयोग के सीइओ मनोज अग्रवाल को पत्र लिखा था. उस पत्र में दार्जिलिंग से लेकर तराई-डूआर्स क्षेत्र तक कार्यरत चाय श्रमिकों की स्थिति से आयोग को अवगत कराया गया था. उन्होंने कहा कि चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर पीढ़ियों से इन इलाकों में रह रहे हैं, लेकिन उनमें से कई के पास स्कूल सर्टिफिकेट या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं. कुछ श्रमिकों के पास कोई कागजात तक उपलब्ध नहीं हैं. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2006 में वन क्षेत्रों में रहने वालों के लिए फॉरेस्ट राइट्स एक्ट लागू किया था. सांसद राजू बिस्ता ने यह मांग रखी थी कि फॉरेस्ट राइट्स एक्ट से जुड़े दस्तावेजों को एसआईआर के लिए आवश्यक 11 दस्तावेजों में शामिल किया जाए. हालांकि, काफी समय बीत जाने के बावजूद चुनाव आयोग की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह उन्होंने भाजपा की ओर से विपक्ष के नेता के तौर पर, चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. चाय बागान क्षेत्रों से पार्टी के विधायकों ने भी यह मांग की है कि बागान मजदूरों के पास मौजूद दस्तावेजों का सत्यापन फॉरेस्ट राइट्स एक्ट के तहत किया जाये. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि किसी भी चाय बागान मजदूर का नाम वोटर लिस्ट से न छूटे. हमें उम्मीद है कि सभी पात्र लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जायेंगे और चुनाव आयोग हमारी मांग स्वीकार करेगा.”

इस दौरान शुभेंदु अधिकारी ने चाय मजदूरों और चाय बागानों की स्थिति को लेकर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार के कार्यकाल में 25 प्रतिशत चाय बागान बेच दिये गये हैं और जंगल तथा चाय बागानों को काटकर बार व रेस्टोरेंट बनाये गये हैं. अधिकारी ने बताया कि वह 24 जनवरी को चाय बागान मजदूरों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याएं जानेंगे और उनसे संवाद करेंगे. इस दौरान स्थानीय विधायक और सांसद भी उनके साथ रहेंगे.

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