बंगाल में समाप्त हो रहा बाल श्रम : मंत्री का दावा, केंद्र पर असहयोग का आरोप

राज्य के श्रम व कानून मंत्री मलय घटक ने शुक्रवार को विधानसभा में दावा किया कि केंद्र के असहयोग के बावजूद राज्य में बाल श्रम को लगभग समाप्त कर दिया गया है.

कहा- राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना को केंद्र ने राज्य में किया बंद

संवाददाता, कोलकाता

राज्य के श्रम व कानून मंत्री मलय घटक ने शुक्रवार को विधानसभा में दावा किया कि केंद्र के असहयोग के बावजूद राज्य में बाल श्रम को लगभग समाप्त कर दिया गया है. उन्होंने विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल में सदन को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बंगाल को कई परियोजनाओं के लिए फंड नहीं मिल रहा है, जिससे राज्य वंचित हो रहा है.

राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना पर केंद्र को घेरा : श्रम मंत्री ने विशेष रूप से राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना को बंद किए जाने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना के बंद होने से बाल मजदूरों को सामान्य रूप से वंचित किया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि केंद्र ने 2021 में इस परियोजना को बंद कर दिया, जबकि इससे पहले राज्य में 290 विशेष प्रशिक्षण केंद्र चल रहे थे, जहां 11,121 बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था थी. परियोजना बंद होने से कई बच्चे शिक्षा के अवसर से वंचित हो गये हैं और उक्त केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों की भी नौकरी चली गयी है. मलय घटक ने आरोप लगाया कि बंगाल में बाल मजदूर भी केंद्रीय अभाव के शिकार हैं.

बाल श्रम उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयास : विधायक असित मजूमदार द्वारा उठाये गये एक प्रश्न के जवाब में, श्रम मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बाल श्रम को खत्म करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल में बाल श्रम को लगभग समाप्त कर दिया गया है. मंत्री ने जानकारी दी कि बाल एवं किशोर श्रम रोकथाम अधिनियम के तहत नियमित अभियान चलाये जा रहे हैं. स्वयंसेवी संगठनों, नियोक्ताओं, श्रमिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों की मदद से जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं.

मंत्री ने कहा कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं. उन्होंने विधायकों से भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. मलय घटक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में बंगाल में 14 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था. तब से हर साल इस संख्या में कमी आई है. 2021 में यह संख्या घटकर छह, 2022 में तीन और 2023 में एक रह गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >