कोलकाता. राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर केंद्र पर बंगाल की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने की योजना, जल जीवन मिशन के तहत बंगाल का आवंटन कम कर दिया है, जिसकी वजह से योजना के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है. राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र से पूरी राशि नहीं मिलने के कारण 2025 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य अधर में लटक सकता है. इसी वजह से राज्य सरकार ने अपनी ओर से अतिरिक्त धनराशि आवंटित कर परियोजना के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है. गौरतलब है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत कुल लागत का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार व बाकी 40 फीसदी राज्य सरकार देती है. बंगाल में राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है और केंद्र सरकार को 2024-25 के दौरान योजना के लिए 5,049.98 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन अब तक केंद्र से केवल 2,524.99 करोड़ रुपये ही मिले हैं. वहीं, राज्य सरकार ने अपने हिस्से के लिए 4,990.52 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था, जिसमें से अब तक 3,757.45 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं.राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र से पूरी राशि न मिलने के कारण परियोजना के कार्यों में रुकावट आ रही है. ऐसे में राज्य सरकार ने केंद्र की हिस्सेदारी से अलग हट कर अतिरिक्त 1,291.38 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का दावा किया है, ताकि कार्य सुचारू रूप से जारी रहे.
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