बांग्लादेश में टैगोर के पैतृक घर पर हुए हमले की निंदा

भारत व बांग्लादेश, दोनों देशों के राष्ट्र गान के रचयिता, नोबेल विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ टैगाेर के बांग्लादेश स्थित पैतृक घर पर हमले की घटना की 'संस्कार भारती पश्चिम बंगाल' ने निंदा की है. संस्था ने इस घटना को गुरुदेव की स्मृति, उनके दर्शन और समग्र बंगाली अस्मिता का अपमान बताया है.

कोलकाता.

भारत व बांग्लादेश, दोनों देशों के राष्ट्र गान के रचयिता, नोबेल विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ टैगाेर के बांग्लादेश स्थित पैतृक घर पर हमले की घटना की ””संस्कार भारती पश्चिम बंगाल”” ने निंदा की है. संस्था ने इस घटना को गुरुदेव की स्मृति, उनके दर्शन और समग्र बंगाली अस्मिता का अपमान बताया है.

संस्कार भारती पश्चिम बंगाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बांग्लादेश के शाहजादपुर स्थित रवींद्रनाथ ठाकुर की ऐतिहासिक हवेली पर उन्मादी भीड़ ने हमला कर वहां तोड़फोड़ की. संस्था ने इसे “जघन्य और निंदनीय कृत्य” करार देते हुए कहा कि यह हमला केवल एक भवन पर नहीं, बल्कि नोबेल विजेता साहित्यकार की सार्वभौमिक सोच और मानवीय मूल्यों पर आघात है.

संस्कार भारती पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष डॉ स्वरूप प्रसाद घोष और महासचिव तिलक सेनगुप्ता ने इस सिलसिले में एक संयुक्त बयान जारी कर कहा : गुरुदेव की यह हवेली केवल एक धरोहर नहीं, बल्कि समूचे बंगाल की सांस्कृतिक आत्मा की प्रतीक है. वहां हमला करने का अर्थ रवींद्रनाथ ठाकुर, उनके कुल के तमाम विद्वानों और संपूर्णा बांग्ला समाज को अपमानित करना है.

संस्कार भारती ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि इस हमले में शामिल सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और गुरुदेव की स्मृति से जुड़ी इस धरोहर की तत्काल मरम्मत कर वहां उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. संस्था ने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल सांस्कृतिक आघात नहीं, बल्कि दो देशों की साझा विरासत को भी नुकसान पहुंचाती हैं, जिसे संरक्षित रखना दोनों देशों की नैतिक जिम्मेदारी है.

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Author: BIJAY KUMAR

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