दोल उत्सव में मांस पर प्रतिबंध लगाने का किया आह्वान
दोल के लिए 13 से 15 मार्च तक शहर में मांस की बिक्री और खाने पर तीन दिन का प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया गया था. नवद्वीप भगवान चैतन्य का जन्मस्थान है.
भगवान चैतन्य का जन्मस्थान है नवद्वीप कल्याणी. दोल उत्सव के अवसर पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा संचालित नवद्वीप नगरपालिका के आवेदन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. दोल के लिए 13 से 15 मार्च तक शहर में मांस की बिक्री और खाने पर तीन दिन का प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया गया था. नवद्वीप भगवान चैतन्य का जन्मस्थान है. अधिकांश निवासी वैष्णव, शाकाहारी हैं. गौर निताई की याद में दोल पूर्णिमा का त्योहार नवद्वीप में ”गौर पूर्णिमा” के रूप में मनाया जाता है. इस आयोजन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु नवद्वीप की पुण्यभूमि में एकत्रित होते हैं. शुक्रवार के दोल को लेकर बुधवार से ही उत्सव का माहौल है. नगर परिक्रमा से लेकर विभिन्न धार्मिक संस्थानों, मठों, मंदिरों, नाम संकीर्तन और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चल रहे हैं. गौर पूर्णिमा उत्सव को हर तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बुधवार को नवद्वीप नगर पालिका की पहल पर स्थानीय प्रशासन की मदद से एक बैठक आयोजित की गयी, जिसमें नगरपालिका ने शहर के लोगों से 13 से 15 मार्च तक मांसाहार से परहेज करने की अपील की. इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों से भी शहर के विभिन्न बाजारों में मछली और मांस नहीं बेचने की अपील की गयी. शहरवासियों के एक वर्ग ने नगरपालिका प्रशासन के आवेदन पर सवाल उठाया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
