सुजॉय पॉल बने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, कोर्ट रूम में ली शपथ
कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश अब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गये हैं. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने उन्हें चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में पद की शपथ दिलायी. इस अवसर पर चीफ जस्टिस ने वकीलों और जजों को संबोधित किया. उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई खास बातें बतायीं. आप भी पढ़ें.
मुख्य बातें
जस्टिस सुजॉय पॉल कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनाये गये हैं. शुक्रवार को उन्होंने कोर्ट रूम में मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश के अदालत कक्ष संख्या-1 में आयोजित एक कार्यक्रम में पद की शपथ दिलायी.
जस्टिस पॉल ने बतायी लीगल फील्ड में आने की कहानी
जस्टिस पॉल ने शपथ लेने के बाद कहा कि उन्होंने कानूनी पेशे में आने का सोच-समझकर फैसला नहीं किया था. यह परिस्थितिवश हुआ. उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण पेशे में अपना रास्ता केवल सख्त अनुशासन का पालन करके और अपने वरिष्ठों एवं उन माननीय जजों के प्रशिक्षण की मदद से तय किया, जिनकी अदालत में वे पेश हुए.
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित टीचर हैं जस्टिस पॉल की मां
जस्टिस पॉल ने कहा कि यहां आने के बाद से ही उन्हें बार काउंसिल के सदस्यों का पूरा सहयोग मिला. वह इस संस्था की पवित्रता और एफिशिएंसी बनाये रखने का हरसंभव प्रयास करेंगे. वह 15 माह के थे, जब उनके पिता की मृत्यु हो गयी. इसके बाद उनके व्यक्तित्व की नींव उनकी मां ने रखी. उनकी मां सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापिका थीं और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थीं उनकी मां
कलकत्ता हाईकोर्ट के नये चीफ जस्टिस ने कहा कि उनकी मां न केवल उनके जीवन की पहली टीचर हैं, बल्कि उनकी क्लास टीचर भी रहीं. जस्टिस पॉल के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी मां मंजूश्री पॉल भी मौजूद थीं.
जून 1964 में हुआ था जस्टिस सुजॉय पॉल का जन्म
दिवंगत नोनी गोपाल पॉल और मंजूश्री पॉल के पुत्र न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल का जून 1964 में जन्म हुआ था. उनकी स्कूली शिक्षा पंडित एलएस झा मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई. उन्होंने मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर और कानून की डिग्री प्राप्त की.
1990 में वकील बने थे सुजॉय पॉल
तेलंगाना हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जस्टिस पॉल ने वर्ष 1990 में मध्यप्रदेश की बार काउंसिल में वकील के रूप में खुद को रजिस्टर करवाया. उन्होंने सिविल, कांस्टिट्यूशनल, इंडस्ट्रियल, सर्विस समेत लॉ के अन्य ब्रांचेज में सक्रिय रूप से वकालत की. वह कई अदालतों में अपने मुवक्किलों के लिए पेश हुए.
मई 2011 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज बने
जस्टिस पॉल को मई 2011 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया और अप्रैल 2014 में स्थायी नियुक्ति मिली. वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस पॉल ने 26 मार्च 2024 को तेलंगाना हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली.
18 जुलाई 2025 को कलकत्ता हाईकोर्ट में हुआ था तबादला
18 जुलाई 2025 को उनका तबादला कलकत्ता हाईकोर्ट में कर दिया गया था. वह तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम के रिटायर होने के बाद से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दे रहे थे. अब वह कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गये हैं.
इसे भी पढ़ें
वकीलों को सार्वजनिक मंच पर अपने मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए : तुषार मेहता
कलकत्ता हाईकोर्ट में अनियंत्रित हुई भीड़, कोर्ट से बाहर निकल गयीं जज, जानें पूरा मामला
