बंगाल में पीएम केयर्स से बने 75 में 43 ऑक्सीजन प्लांट ठप, वेंटिलेटर बेकार, CAG की रिपोर्ट में खुलासा

पश्चिम बंगाल में कैग की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाये हैं. पीएम केयर्स फंड से बने 75 ऑक्सीजन प्लांट में से 43 बंद पाये गये और सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर और कंसंट्रेटर भी बिना उपयोग के मिले. यह रिपोर्ट राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की विफलता को उजागर करती है.

CAG Report West Bengal PM CARES Fund: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल में कोविड-19 महामारी के दौरान स्थापित सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और फंड के इस्तेमाल से संबंधित कई खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएम केयर्स (PM CARES) और सीएसआर (CSR) फंड से कुल 75 पीएसए (PSA) ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र आवंटित और स्थापित किये गये थे. दिसंबर 2023 तक के ऑडिट में पाया गया कि इनमें से केवल 32 प्लांट ही चालू थे. बाकी 43 संयंत्र या तो शुरू ही नहीं हुए या तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं.

अस्पतालों में बिना उपयोग पड़े रहे वेंटिलेटर और कंसंट्रेटर

कैग की रिपोर्ट में 2 प्रमुख सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये गये हैं, जहां मरीजों के इलाज के लिए पीएम केयर्स फंड से भेजे गये अति-आवश्यक वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सांद्रक (Oxygen Concentrators) अनयूज्ड (बिना इस्तेमाल के) मिले. रिपोर्ट में कहा गया है कि संकट के समय इन महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों का उपयोग न होना राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की प्रशासनिक शिथिलता और कुप्रबंधन की ओर इशारा करता है.

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कोविड फंड के आवंटन और उपयोग में कमी

स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे के अलावा कैग ने कोविड राहत कोष के उपयोग में भी कमियों का खुलासा किया है.

  • ECRP-2 पैकेज : केंद्र सरकार की ओर से जारी आपात कोविड प्रतिक्रिया पैकेज-2 (ECRP-2) के तहत मिले कुल बजट में से 659.28 करोड़ रुपए (65 प्रतिशत) मार्च 2022 की समय सीमा बीत जाने के बाद भी खर्च नहीं किये गये.
  • राज्य कोविड संयुक्त निधि : पश्चिम बंगाल को महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवंटित 462.05 करोड़ रुपए का संयुक्त फंड का भी इस्तेमाल नहीं किया गया.

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4 साल बाद विधानसभा में रखी गयी CAG की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर तैयार की गयी यह ‘वर्ष 2024 की रिपोर्ट’ शुक्रवार को राज्य विधानसभा में पेश की गयी. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल के दौरान पिछले 4 वित्तीय वर्षों की कैग रिपोर्ट सदन के पटल पर नहीं रखी गयी थी, जिसे हाल ही में सदन में पेश किया गया है.


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By Mithilesh Jha

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