घर के पास फंदे से लटकता मिला महिला बीएलओ का शव

पूर्व बर्दवान के बाद जलपाईगुड़ी में बुधवार को एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का फंदे से लटकता शव बरामद किया गया.

परिवार ने काम के दबाव को ठहराया जिम्मेदार

संवाददाता, कोलकातापूर्व बर्दवान के बाद जलपाईगुड़ी में बुधवार को एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का फंदे से लटकता शव बरामद किया गया. जलपाईगुड़ी जिले के दुआर्स के माल ब्लॉक के न्यू ग्लेनको टी गार्डेन इलाके में रहने वाली शांतिमुनि ओरांव ने आत्महत्या कर ली. परिजनों ने इसे काम के दबाव के कारण आत्महत्या करार दिया. मृतका 48 वर्ष की थी. पेशे से आंगनबाड़ी कर्मी शांतिमुनि रंगामाटी ग्राम पंचायत की बूथ संख्या 20/101 की बीएलओ थीं. बुधवार सुबह उनका शव उनके घर के पास एक पेड़ से लटका मिला. मृतका के परिवार का आरोप है कि बीएलओ बनने के बाद से शांतिमुनि अतिरिक्त काम का दबाव नहीं झेल पा रही थीं. दिन भर आंगनबाड़ी में काम करना, फिर घर की विभिन्न जिम्मेदारियां निभाना और रात में घर-घर जाकर फॉर्म भरना, यह सब उसके लिए मानसिक रूप से विनाशकारी साबित हुआ. मृतका के पति सुख एक्का ने कहा कि सारे फॉर्म बांग्ला में हैं. लेकिन यहां ज्यादातर लोग हिंदी बोलते हैं. गलतियां होना स्वाभाविक है. रोज शाम को लोग घर आते थे. भूल-सुधार के लिए कहते थे. वह यह दबाव नहीं झेल पा रही थी. काम से छूट देने के लिए वह ब्लॉक कार्यालय भी गयी थी. लेकिन उसे बताया गया कि उसका नाम बीएलओ के रूप में है, उसे काम करना ही होगा. एक्का ने कहा कि इससे वह और भी टूट गयी थी. मृतका के परिवार के अनुसार शांतिमुनि मंगलवार रात खाना खाकर सो गयी थी.

बुधवार सुबह उठने के बाद वह आमतौर पर हाथ-मुंह धोने के लिए रसोई में जाती थी. लेकिन बुधवार को जब वह वहां नहीं दिखी, तो उसकी तलाश की गयी. तभी घर के पास उसका फंदे से लटका हुआ शव मिला. सूचना मिलने के बाद माल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बीएलओ का शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल भेज दिया. जिला पुलिस अधीक्षक उमेश गणपत ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गयी है. बीएलओ की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक और पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं आदिवासी विकास राज्य मंत्री बुलुचिक बड़ाइक उनके परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि एसआइआर फॉर्म भरने के काम को लेकर हर जगह अफरा-तफरी मची हुई है. इस हिंदी भाषी क्षेत्र में, जहां आदिवासी बहुलता है, बांग्ला में फॉर्म भरते समय एक के बाद एक गलतियां हो रही थीं. इसी घबराहट और मानसिक तनाव के कारण शांतिमुनि ने आखिरकार यह कदम उठाया. मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार मृतका के परिवार के साथ है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पूर्व बर्दवान जिले में बीएलओ नमिता हांसदार की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो गयी थी. वह मेमारी के चौक बलरामपुर में बूथ संख्या 278 की बीएलओ थीं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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