दीघा मंदिर के प्रसाद पर भाजपा का गंभीर आरोप, गैर-हिंदुओं को सौंपी जिम्मेदारी

भाजपा के केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक और आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी सरकार पर सनातन आस्था का अनादर करने का गंभीर आरोप लगाया है.

संवाददाता, कोलकाता

भाजपा के केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक और आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी सरकार पर सनातन आस्था का अनादर करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि दीघा के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ का पवित्र प्रसाद तैयार करने और वितरित करने की जिम्मेदारी कुछ गैर-हिंदुओं, विशेषकर मुसलमानों को सौंपी गयी है. गुरुवार को मालवीय ने अपने ””एक्स”” हैंडल पर एक आधिकारिक सूची साझा की, जिसमें कथित तौर पर कुछ गैर-हिंदू नाम दर्ज हैं. उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ जान-बूझकर किया गया धार्मिक उकसावा बताया. मालवीय ने ममता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वे बिना किसी भय के हिंदू भावनाओं को कुचल रही हैं.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद जिले के सुती एक नंबर ब्लॉक में गाजा और पेड़ा जैसी मिठाइयों को प्रभु जगन्नाथ देव का पवित्र प्रसाद बताकर बांटा जा रहा है, जिसे मुख्यतः मुस्लिम मिठाई दुकानदारों और राशन डीलरों से तैयार कराया गया है. मालवीय ने इसे धार्मिक मान्यताओं पर सीधा प्रहार करार दिया. अमित मालवीय ने यह भी स्पष्ट किया कि ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ धाम मंदिर की परंपरा के अनुसार, वहां गैर-हिंदुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होती. यह परंपरा भगवान जगन्नाथ की धार्मिक पवित्रता से जुड़ी है.

ऐसे में मालवीय के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उन्हीं परंपराओं को दरकिनार कर गैर-हिंदुओं से ””””””””प्रसाद”””””””” तैयार कराना न सिर्फ परंपराविरोधी कार्य है, बल्कि आस्थाओं का अपमान भी है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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