बंगाल चुनाव 2026 में मिट जायेगा भाजपा का अस्तित्व, कूचबिहार में गरजे अभिषेक बनर्जी, चुनाव आयोग को भी लताड़ा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का अस्तित्व मिट जायेगा. कूचबिहार से ही उसका विसर्जन शुरू होगा. ये बातें तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहीं. अभिषेक ने कूचबिहार में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग को भी जमकर लताड़ लगायी. उसे भाजपा का ‘दलाल’ तक कह दिया.

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को कूचबिहार में पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि इस बार कूचबिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विसर्जन कर दें. बंगाल चुनाव 2026 से पहले चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के लिए उन्होंने चुनाव आयोग को भी जमकर लताड़ लगायी. अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर को बंगाल की पहचान और वोट का अधिकार छीनने की साजिश करार दिया.

बंगाल चुनाव में मिट जायेगा भाजपा का अस्तित्व – अभिषेक बनर्जी

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कूचबिहार की रिकॉर्ड भीड़ इस बात का संकेत है कि भाजपा के राजनीतिक विसर्जन की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा का अस्तित्व ही मिट जायेगा.

अभिषेक बनर्जी के मंच पर एसआईआर में मृत घोषित 10 लोग

इस जनसभा में अभिषेक बनर्जी के मंच पर वे 10 लोग भी आये, जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया में मृत घोषित किया जा चुका है. तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि ये सभी लोग जीवित हैं. ये लोग बंगाल में पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े और आज उनके अस्तित्व को ही नकारा जा रहा है. अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को भाजपा का ‘दलाल’ करार दिया. साथ ही कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र को कुचलने में लगा है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

एसआईआर के दौरान आम नागरिकों और बीएलओ की हुई मौतें

अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर लागू होने के बाद लाइन में खड़े रहने के दौरान आम नागरिकों और बीएलओ की मौतें हुई हैं. कुछ लोगों ने काम के दबाव में आत्महत्या कर ली. टीएमसी नेता ने इसे अव्यवस्थित और अमानवीय प्रक्रिया करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल के लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का फंड रोक रखा है.

इसे भी पढ़ें : चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का गंभीर आरोप, कहा- रिकॉर्ड में सुधार नहीं, वोटर के नाम काटने की प्रक्रिया है एसआईआर

टीएमसी ने दी दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी

भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी कहा कि बांग्ला भाषा बोलने पर लोगों को बांग्लादेशी कहा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर बांग्ला बोलना अपराध है, तो बंगाल में भाजपा के नेता किस भाषा में बात करते हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल-विरोधी राजनीति के विरोध में टीएमसी निर्णायक लड़ाई लड़ेगी.

भाजपा पर धार्मिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने भाजपा पर धार्मिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया. अभिषेक ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार का फोकस रोजगार, सड़क, आवास और सामाजिक सुरक्षा पर है. लक्ष्मी भंडार और पथश्री जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि कल्याणकारी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी.

इसे भी पढ़ें

बंगाल चुनाव 2026: टीएमसी की ‘एयर फोर्स’ तैयार, अभिषेक बनर्जी ने लांच की ‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ कैंपेन

और एक छक्का मारकर जीत लें बांकुड़ा की बाकी 6 सीटें, सालतोड़ा में गरजे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी

अमर्त्य सेन को SIR नोटिस भेजने पर भड़के अभिषेक बनर्जी, बोले- ‘बांग्ला विरोधियों’ का नामोनिशान मिटा दें

घुटने पर बैठे अभिषेक बनर्जी, जहां पीएम मोदी नहीं जा सके, उस ताहिरपुर में BJP पर जमकर बरसे TMC महासचिव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >