पूजा के बाद भवानीपुर विस क्षेत्र के उपचुनाव से जुड़े मामले की होगी सुनवाई

राज्य विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के छह महीने के अंदर ही भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था.

कोलकाता. राज्य विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के छह महीने के अंदर ही भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था. इसे लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया गया था कि क्या किसी खास व्यक्ति को जीत दिलाने के लिए इस तरह से उपचुनाव कराया जा सकता है? उस समय, राज्य के मुख्य सचिव ने एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि अगर उस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव नहीं हुए, तो राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो जायेगा. मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ वकील सायन बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक मामला दायर कर सवाल उठाया था. इस संबंध में, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने 17 नवंबर, 2021 को नये सिरे से मामला दर्ज करने का आदेश दिया था. लेकिन पिछले चार वर्षों से मामले पर सुनवाई नहीं हुई. अब हाइकोर्ट में फिर से मामले की सुनवाई शुरू होने वाली है. बताया गया है कि कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायाधीश स्मिता दास डे की खंडपीठ दुर्गापूजा के बाद मामले की सुनवाई करेगी.

क्या है मामला : उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में हारने के बाद भी मुख्यमंत्री बनी थीं. नियमों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति को मुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री बनने के छह महीने के भीतर ही विधायक बनना होता है. ऐसे में भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के तत्कालीन विजयी उम्मीदवार शोभनदेब चटोपाध्याय ने इस्तीफा दे दिया था और कुछ महीने बाद हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी ने जीत हासिल की थी. इसी उपचुनाव पर सवाल उठाते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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