ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर 25 प्रतिशत लोग वोटर लिस्ट से बाहर, आंकड़ों में उलझा जीत-हार का गणित

Bhabanipur Voter List: भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या 25 प्रतिशत घट गयी है. मतदाता सूची से हटाये गये 51,004 नामों में 76 प्रतिशत गैर-मुस्लिम और 23 फीसदी मुस्लिम हैं. जानें इस बड़े वोटर कट का पूरा विश्लेषण.

Bhabanipur Voter List: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 25 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट चुके हैं. इसकी वजह से जीत-हार का गणित आंकड़ों में उलझकर रह गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के बीच यहां सीधी जंग हो रही है.

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

इस जंग से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद भवानीपुर विधानसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या में भारी गगिरावट दर्ज की गयी. इसकी वजह से सियासी गलियारों में हलचल है, क्योंकि वोटर लिस्ट से जो नाम कटे हैं, उसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग हैं.

Bhabanipur Voter List: 2.06 लाख में से 51004 नाम कटे

SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले भवानीपुर में कुल 2,06,295 मतदाता थे. एसआईआर के बाद सूची से 51,004 नाम हटा दिये गये. डिलीट किये गये नामों में 23.3 प्रतिशत मुस्लिम और 76.7 प्रतिशत गैर-मुस्लिम हैं. पहले चरण में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट श्रेणियों के तहत 44,787 नाम हटाये गये. दूसरे दौर में 2,342 और नाम काटे गये, जबकि मात्र 18 नये मतदाता ही वोटर लिस्ट में जुड़ पाये.

एडजुडिकेशन का पेच- 14 हजार मतदाता जांच के घेरे में

करीब 14,154 मतदाताओं को एडजुडिकेशन (जांच के अधीन) की श्रेणी में रखा गया था. सबर संस्थान के विश्लेषण से पता चला कि सप्लीमेंट्री लिस्ट में जिन मतदाताओं के नाम काटे गये, उनमें से करीब 40 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय से थे. हालांकि, अंतिम मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाये गये, उनमें गैर-मुस्लिम 92 प्रतिशत हैं. लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगति) की श्रेणी में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़कर 52 प्रतिशत हो गयी, जो उनकी जनसंख्या के अनुपात से काफी अधिक है.

विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ेगा तनाव

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी कटौती चुनाव के नतीजों को पूरी तरह पलट सकती है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इसे भाजपा की साजिश बता रही है, तो चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है. केवल वैसे लोगों के नाम हटाये गये हैं, जो वोट देने के योग्य नहीं हैं. ‘अनमैप्ड’ और ‘डुप्लीकेट’ वोटर के नाम वोटर लिस्ट से हटाये जाने के बाद भवानीपुर की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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