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Bengal News: कोलकाता/कल्याणी. नदिया जिले के शांतिपुर थाना अंतर्गत नेशनल हाइवे-12 पर उस समय सनसनी फैल गयी, जब स्थानीय महिलाओं की ‘प्रमिला वाहिनी’ ने कंडाखोला पेट्रोल पंप के समीप चल रहे अवैध देह व्यापार और नशे के अड्डों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. स्थानीय लोगों का दावा है कि राज्य में प्रशासनिक माहौल बदलने के बाद अब लोगों में हिम्मत जगी है. गुरुवार को एकजुट हुईं महिलाओं ने सड़क किनारे स्थित कई दुकानों और अस्थायी अड्डों पर जाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमेगा रहता था डेरा
कांडाखोला, श्यामनगर, मोलाबेरिया और अरबलदा सहित विभिन्न इलाकों की महिलाओं का आरोप है कि शाम होते ही इस क्षेत्र में सेक्स वर्कर और असामाजिक तत्व जमा हो जाते थे. इसके साथ ही हाइवे किनारे स्थित दुकानों में खुलेआम शराब व अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री होती थी. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इस वजह से जहां एक ओर नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था, वहीं दूसरी ओर इलाके के किशोरों व युवाओं के गुमराह होने की आशंका बढ़ रही थी.
पूर्ववर्ती व्यवस्था पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या के बारे में लंबे समय से सूचित किया जा रहा था, लेकिन पूर्व में उनकी शिकायतों को कोई अहमियत नहीं दी गयी. गुरुवार को उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि ये अवैध गतिविधियां तुरंत बंद नहीं की गयीं, तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जायेगा. हंगामे की सूचना मिलने पर शांतिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों को लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी.
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सुधार के लिए आगे आ रहे लोग
इस बीच, स्थानीय बाबला पंचायत की भाजपा प्रमुख सुष्मिता मुंडा ने महिलाओं की इन मांगों का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पहले जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब माहौल बदला है और लोग हिम्मत करके आगे आ रहे हैं. इलाके में शांतिपूर्ण और स्वच्छ माहौल बनाने के लिए सभी नागरिक एकजुट हैं.
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