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Bengal News: कोलकाता. उत्तर 24 परगना के हाबरा में फिल्मी अंदाज में हर महीने ऑटो-टोटो चालकों से रंगदारी वसूली करने के आरोप में राज्य के पूर्व खाद्यमंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के करीबी एक तृणमूल नेता को गिरफ्तार किया गया है. उसे कोर्ट में पेशी करने के लिए थाने से पुलिस वैन में लेकर जाते समय लोगों ने चोर चोर के नारे लगाये. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति का नाम तारक दे है. आरोप है कि टोटो और ऑटो चालकों को डराकर जबरन पैसे वसूला जाता था. शिकायत मिलने के बाद हाबरा थाने की पुलिस ने बारासात के टाकी रोड स्थित विवेकानंद पल्ली इलाके से आरोपी को दबोचा.
तृणमूल के श्रमिक संगठन के अध्यक्ष हैं तारक
तारक दे हाबरा में तृणमूल के श्रमिक संगठन के अध्यक्ष पद पर है और ज्योतिप्रिय मल्लिक का खास बताया जाता है. वह हाबरा के अरविंद रोड इलाके का निवासी है. तारक पर लंबे समय से अवैध वसूली समेत कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाबरा के विभिन्न ऑटो और टोटो यूनियनों पर तारक का प्रभाव था और वह चालकों से हर माह 300 रुपये वसूलता था. इस तरह से सैकड़ों टोटो-ऑटों चालकों से हर माह मोटी रकम वसूली जाती थी. इलाके के व्यापारियों ने भी उसपर हाबरा उत्सव के नाम पर मोटी रकम रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है.
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डर से कोई नहीं उठाता था आवाज
पहले कोई डर से इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाता था, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद ऑटो और टोटो चालकों ने खुलकर उसके खिलाफ आवाज उठायी. शनिवार को फूलतला इलाके के एक टोटो चालक ने थाने में शिकायत भी दर्ज करायी. इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तारक को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले पर स्थानीय तृणमूल नेता विश्वजीत समाद्दार ने कहा कि जो लोग पार्टी का नाम का इस्तेमाल कर गरीबों पर अत्याचार और गलत काम कर रहे थे, पुलिस उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.
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