बंगाल के कराटे मास्टर मिहिर बाग का सड़क हादसे में मौत, परिवार गंभीर रूप से घायल

Bengal News: मिहिर बाग वर्षों से रानीगंज और आसपास के इलाकों में 'क्योकुशीन कायकान' (Kyokushin Kaikan) शैली के कराटे का प्रशिक्षण दे रहे थे. वे अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं.

Bengal News: कोलकाता/रानीगंज: रानीगंज के खेल जगत और खेल प्रेमियों के लिए रविवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई. क्षेत्र के प्रतिष्ठित और लोकप्रिय कराटे मास्टर मिहिर बाग (62) का आज सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक मौत हो गयी. इस हादसे में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. मिहिर बाग की मौत की खबर फैलते ही पूरे रानीगंज और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है.

​दीघा समर कैंप से लौटते समय हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कराटे मास्टर मिहिर बाग अपने छात्रों के साथ एक समर कैंप में शामिल होने के लिए दीघा गए हुए थे. समर कैंप खत्म होने के बाद सभी छात्र बस से वापस रानीगंज लौट रहे थे, जबकि मिहिर बाग अपने परिवार के साथ अपनी निजी कार से वापस आ रहे थे. ​यह भीषण दुर्घटना बांकुड़ा जिले के ओंदा अंचल में घटित हुई. बताया जा रहा है कि अलहे सुबह लगभग 6 बजे कार के चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके कारण वाहन से नियंत्रण खो गया और कार सड़क के किनारे एक पेड़ से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम

​इस भयानक टक्कर में कार चालक, मिहिर बाग, उनकी पत्नी, बेटी और उनकी सास को गंभीर चोटें आईं. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने अथक प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान कराटे मास्टर मिहिर बाग ने दम तोड़ दिया. परिवार के बाकी सदस्यों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं.

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​हजारों युवाओं को दी कराटे की ट्रेनिंग

मिहिर बाग अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं. वे वर्षों से रानीगंज और आसपास के इलाकों में ‘क्योकुशीन कायकान’ (Kyokushin Kaikan) शैली के कराटे का प्रशिक्षण दे रहे थे. अपने अत्यंत विनम्र और मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले मिहिर बाग के मार्गदर्शन में हजारों छात्रों ने मार्शल आर्ट के गुर सीखे और विभिन्न स्तरों पर क्षेत्र का नाम रोशन किया. आज उनके कई छात्र खुद का ट्रेनिंग सेंटर चलाकर अपनी जीविका भी कमा रहे हैं. ​मिहिर बाग के आकस्मिक निधन पर स्थानीय खेल संघों, उनके शिष्यों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे रानीगंज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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