मुख्य बातें
Bengal News: कोलकाता. अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे यहां रह रहे एक अफगान नागरिक को अदालत ने पांच वर्ष कारावास की सजा सुनायी है. कलकत्ता सिटी सेशन कोर्ट की जज श्रुतिरूपा घोष माझी ने इस मामले में फैसला सुनाया. एक अन्य मामले में अदालत ने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रहने के आरोप में गिरफ्तार छह बांग्लादेशी नागरिकों समेत आठ लोगों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इन सभी के खिलाफ बैंकशाल अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है.
मार्च 22 में हुआ था मामला दर्ज
अफगानी नागरिक को सजा मिलने के संबंध में मुख्य सरकारी वकील देबाशीष मल्लिक चौधरी और जयंत कुमार घोष ने बताया कि अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने के आरोप में श्यामपुकुर थाना पुलिस ने छह अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया था. इस मामले की शिकायत मार्च 2022 में श्यामपुकुर थाने में दर्ज की गयी थी. गिरफ्तार अफगानियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया था.
अगली सुनवाई 20 मई को
गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नबी नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चल रहा था. जेल हिरासत के दौरान उसने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की सजा सुनायी. साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह महीने की सजा काटनी होगी. सरकारी वकील के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार अन्य पांच अफगान नागरिकों के खिलाफ मुकदमा अभी चल रहा है. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 20 मई की तारीख तय की है.
Also Read: तृणमूल उम्मीदवार लवली मैत्रा के हैशटैग में दिखा बांग्लादेश, बंगाल की राजनीति में छिड़ी नयी बहस
अवैध रूप से रह रहे छह बांग्लादेशी गिरफ्तार
एक अन्य मामले में वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी बंगाल में रहने के आरोप में पुलिस ने छह बांग्लादेशी नागरिकों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी के खिलाफ बैंकशाल अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया. अदालत में सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को वर्चुअल माध्यम से पेश किया गया. गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों में अबीर हुसैन, मोहम्मद मामुनूर राशिद, मोहम्मद अलीमुन गाजी, आजम मोल्ला, फैजल अमीन और जाहिदुल इस्लाम शामिल हैं.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत
सरकारी वकील ने बताया कि ये सभी लोग इलाज के लिए वैध दस्तावेजों के साथ भारत आए थे, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहां रह रहे थे. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें 21 अप्रैल तक जेल हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला
