सुधार-केंद्रित विकास की संभावना वाले 12 राज्यों में बंगाल शामिल : समीक्षा

अर्थव्यवस्था में योगदान देने के बावजूद ये उद्यम असंगठित होने के कारण कर लाभ, विश्वसनीयता और ऋण तक पहुंच जैसे लाभ से वंचित रह जाते हैं.

बंगाल में असंगठित क्षेत्र के 6.5 करोड़ उद्यम में से 72.6 प्रतिशत सेवा क्षेत्र में सक्रिय कोलकाता. वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा में पश्चिम बंगाल को सुधार-केंद्रित विकास की महत्वपूर्ण संभावना वाले 12 राज्यों में शामिल किया गया है. शुक्रवार को संसद में पेश की गयी आर्थिक समीक्षा में राज्यों को प्रति व्यक्ति सकल राज्य मूल्यवर्धन (जीएसवीए) के संदर्भ में उनकी सेवाओं और औद्योगिक प्रदर्शन के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है. समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, ‘जहां तमाम राज्यों में व्यापार सुधार आवश्यक हैं, वहीं चौथी श्रेणी में खासकर सुधार-केंद्रित विकास की महत्वपूर्ण क्षमता वाले राज्य शामिल हैं. ये राज्य अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं.’ वित्त वर्ष 2022-23 के लिए स्थिर कीमतों पर सेवाओं के जीएसवीए में राज्यवार हिस्सेदारी में पश्चिम बंगाल छठे स्थान पर रहा. आर्थिक समीक्षा कहती है कि पश्चिम बंगाल में असंगठित क्षेत्र के 6.5 करोड़ उद्यम हैं, जिनमें से 72.6 प्रतिशत सेवा क्षेत्र में सक्रिय हैं. अर्थव्यवस्था में योगदान देने के बावजूद ये उद्यम असंगठित होने के कारण कर लाभ, विश्वसनीयता और ऋण तक पहुंच जैसे लाभ से वंचित रह जाते हैं. असंगठित क्षेत्र में छोटे पैमाने के अनौपचारिक उद्यम शामिल हैं, जो औपचारिक कॉरपोरेट पंजीकरण के बिना काम करते हैं, जिनमें घरेलू इकाइयां और स्वयं-खाता उद्यम शामिल हैं. आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, राज्य सरकार नीतिगत प्रोत्साहनों के जरिये इन उद्यमों के गठन में तेजी ला सकती है जो अनुपालन कठिनाइयों को कम करती है, सेवा क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देती है और राज्य के समग्र विकास में योगदान देती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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