बंगाल में नये राजनीतिक समीकरण के संकेत, सलीम और हुमांयू मुलाकात पर दिलीप घोष का बड़ा बयान

Bengal Election: बंगाल की राजनीति में एक नया समीकरण बनता दिख रहा है. 26वें विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में एक नए राजनीतिक 'गठबंधन' के संकेतों को लेकर अटकलें तेज हैं. सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर, जिन्हें तृणमूल से निष्कासित कर दिया गया था, के बीच हुई मुलाकात अब चर्चा का केंद्र बनी हुई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने उस चर्चा को और भी भड़का दिया.

Bengal Election: कोलकाता. बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव को लेकर बंगाल में राजनीतिक समीकरण तेजी से बगल रहे हैं. सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा जहां अपने-अपने मोर्चे को मजबूत करने में लगी है, वहीं वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने के आसार बढ़ते जा रहे हैं. वाम मोर्चा का झुकाव तृणमूल से निष्कासित नेता हुमांयू कबीर की तरफ बनता दिख रहा है, वहीं कांग्रेस अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरण भाजपा नेता दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है. न्यूटाउन में सुबह की सैर के लिए आए दिलीप से पत्रकारों ने बात की. उनसे जब सलीम-हुमायूं की मुलाकात को लेकर सवाल पूछे गये तो उन्होंने व्यंग्यपूर्वक लहजे में कहा, “सवाल यह है कि गठबंधन होगा या नहीं.”

बंगाल में तीसरी ताकत की संभावना नहीं

बंगाल में सलीम-हुमायूं की मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज है कि दोनों एक साथ आ सकते हैं. माकपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन रहा है, लेकिन हुमांयू कबीर कह चुके हैं कि उनकी दिलचस्पी कांग्रेस में नहीं है. कहा जा रहा है कि माकपा भी इस चुनाव में कांग्रेस का साथ छोड़ सकती है. दोनों के बीच सहमति का रास्ता नहीं बन पा रहा है. इन सभी अटकलों के बीच, दिलीप घोष ने सलीम-हुमायूं की मुलाकात के बारे में एक बड़ी भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा है कि ये लोग मुकालात ही करेंगे, गठबंधन होगा या नहीं, यह कहना बहुत मुश्किल है. उन्होंने कहा कि बंगाल में तीसरी ताकत की संभावना नहीं है.

सीपीएम असमंजस की स्थिति में

बंगाल में बन रहे नये राजनीतिक समीकरण पर दिलीप घोष कहते हैं- लेकिन सीपीएम इसे विफल करना चाहती है. तृणमूल गठबंधन नहीं चाहती. तृणमूल ने सीपीएम को दुविधा में डाल दिया है. सीपीएम हमेशा असमंजस में रहती है. यह देखना बाकी है कि वे कांग्रेस के साथ गठबंधन करेंगे या नहीं. उनके बीच किस तरह का संबंध होगा. सीपीएम और हुमायूं की बैठक के बाद भी तृणमूल और भाजपा से अलग तीसरे गठबंधन की संभावना बनती नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा का मुकाबला केवल तृणमूल से है. एसआइआर के सवाल पर दिलीप घोष ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा- राज्य सरकार के अधिकारी जटिलताएं पैदा कर रहे हैं और इसका दोष केंद्र सरकार पर डालने की कोशिश कर रहे हैं. एसआईआर निष्पक्ष रूप से पूरा किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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