बंगाल में वोटरों के लिए डबल लेयर पहचान की व्यवस्था, हुगली में सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम

Bengal Election: पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार कई नये प्रावधान लागू किये हैं. मतदाताओं की पहचान के लिए पोलिंक बूथ एजेंट के साथ-साथ बीएलओ को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए इस बार डबल लेयर आइडेंटिफिकेशन व्यवस्था लागू की गयी है. इसके तहत बूथ के बाहर ही बीएलओ मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिसके बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश मिलेगा. सभी बूथों पर अंदर और बाहर वेबकास्टिंग के जरिये निगरानी रखी जायेगी और पर्याप्त केंद्रीय बल तैनात रहेगा. इसी व्यवस्था को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें चंदननगर पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार यादव, एसपी सनी राज और केंद्रीय बल के अधिकारी मौजूद रहे.

बूथ पर मोबाइल फोन लाने पर रोक

अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में नाका चेकिंग तेज कर दी गयी है और मतदान के दिन हिंसा व फर्जी वोटिंग पर सख्ती से रोक लगायी जायेगी. बूथ के अंदर मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. बाहर पहचान टीम और अंदर बीएलओ द्वारा सत्यापन किया जायेगा. साथ ही स्टैटिक सर्विलांस और फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी. प्रशासन के अनुसार आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक 16.37 करोड़ रुपये की अवैध शराब जब्त की गयी है. सिंगूर-चंडीतला में ही पिछले एक महीने में आठ करोड़ रुपये की अवैध शराब पकड़ी गयी. 41 नाका चेकिंग पॉइंट बनाये गये हैं. पुलिस ने बताया कि 1598 रूट मार्च किये जा चुके हैं और करीब 30 लाख रुपये की गांजा भी जब्त हुई है.

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अब तक 46 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात

हुगली जिले में अब तक 46 कंपनियां केंद्रीय बल पहुंच चुकी हैं, जबकि मतदान के दिन करीब 200 कंपनियां तैनात रहेंगी. जिले में कुल 5387 मतदान केंद्र और 43 लाख से अधिक मतदाता हैं. प्रत्येक विधानसभा में मॉडल बूथ और महिला संचालित बूथ बनाये जायेंगे. 85 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 30 हजार वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए 18 तारीख से घर-घर मतदान की सुविधा शुरू होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जायेगा, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी हो सके.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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