खास बातें
Bengal Election 2026 Voting Percentage: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में बंगाल की जनता ने वो कर दिखाया है, जो भारतीय चुनावी इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है. निर्वाचन आयोग की कड़ी मेहनत और जागरूक मतदाताओं के जोश ने इस बार वोटिंग के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिये हैं.
2021 से 10.51 प्रतिशत अधिक वोट पड़े बंगाल में
चुनाव आयोग की ओर से रात 9 बजे तक के आंकड़े जारी कर दिये गये हैं. इसके मुताबिक, बंगाल में 92.35 प्रतिशत ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है. यह 2021 के चुनाव (81.56 प्रतिशत) के मुकाबले 10.79 प्रतिशत अधिक है. आंकड़ों का यह उछाल राज्य की राजनीति में किसी बड़े भूचाल या ‘महा-परिवर्तन’ की ओर इशारा कर रहा है.
2011 का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा, जब खत्म हुआ था वामपंथ
बंगाल के चुनावी इतिहास को देखें, तो अब तक का सबसे अधिक मतदान वर्ष 2011 में हुआ था. उस समय 84.33 फीसदी वोट पड़े थे और ममता बनर्जी की लहर ने 34 साल पुराने वाम किले को ढाह दिया था. वर्ष 2026 के चुनाव ने उस ऐतिहासिक आंकड़े को भी बहुत पीछे छोड़ दिया. 5 बजे तक ही लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग होना बताता है कि जनता इस बार किसी बड़े मुद्दे पर गोलबंद होकर बूथों तक पहुंची थी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आजादी के बाद से अब तक वोटिंग का पैटर्न
बंगाल में मताधिकार के इस्तेमाल का ग्राफ उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन 2026 ने एक नयी ऊंचाई छुई है.
- शुरुआती दौर (1952-1962): 1952 के पहले चुनाव में केवल 42.23 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो 1962 तक बढ़कर 55.55 प्रतिशत पहुंची.
- 60 फीसदी का आंकड़ा : वर्ष 1967 में पहली बार 60 फीसदी की दीवार टूटी और 66.1 प्रतिशत मतदान हुआ.
- गिरावट का दौर (1971-1977): वर्ष 1971 से 1977 के बीच मतदान में गिरावट आयी. वर्ष 1977 में केवल 56.15 प्रतिशत वोटिंग हुई. 1977 ही वह साल था, जब कांग्रेस का बंगाल में पतन शुरू हो गया. ज्योति बसु के नेतृत्व में वाममोर्चा का उदय हुआ.
- वाम शासन और तेजी : वर्ष 1982 के बाद वोटिंग प्रतिशत में एक बार फिर उछाल आया और 1996 में यह 82.94 प्रतिशत तक जा पहुंचा.
- ममता बनर्जी का उदय : वर्ष 2011 में बंगाल ने बंपर वोटिंग करते हुए सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले. इस साल 84.3 प्रतिशत वोट पड़े और बुद्धदेव भट्टाचार्य के नेतृत्व में चल रही वाममोर्चा की सरकार को सत्ता से बेदखल कर ममता बनर्जी बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 में बंपर वोटिंग, 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान
Bengal Election 2026 Voting Percentage: 21वीं सदी और बदलता पैटर्न
वर्ष 2001 में मतदान गिरकर 75.29 प्रतिशत रह गया था, लेकिन 2006 के बाद से यह लगातार 80 फीसदी के ऊपर बना रहा है. पिछले 2 चुनावों (2016 और 2021) में वोटिंग प्रतिशत 82 प्रतिशत के आसपास स्थिर था, जिसे 2026 की ‘लोकतांत्रिक सुनामी’ ने पूरी तरह बदल दिया है.
2026 का पहला चरण : एक-एक जिले का आंकड़ा यहां देखें
| जिले का नाम | वोट प्रतिशत |
|---|---|
| कूचबिहार | 92.07 |
| अलीपुरदुआर | 88.74 |
| जलपाईगुड़ी | 91.2 |
| कलिम्पोंग | 81.98 |
| दार्जिलिंग | 86.49 |
| उत्तर दिनाजपुर | 89.74 |
| दक्षिण दिनाजपुर | 93.12 |
| मालदा | 89.56 |
| मुर्शिदाबाद | 91.36 |
| पूर्व मेदिनीपुर | 88.55 |
| पश्चिम मेदिनीपुर | 90.7 |
| झारग्राम | 90.53 |
| पुरुलिया | 87.35 |
| बांकुड़ा | 89.91 |
| पश्चिम बर्धमान | 86.89 |
| बीरभूम | 91.55 |
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: जंगलमहल में ‘वोटर लिस्ट’ पर शांति, ‘रोटी-बेटी’ पर शोर, जानें क्यों झारग्राम-पुरुलिया में बेअसर SIR का मुद्दा
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब भी मतदान के प्रतिशत में इतना भारी इजाफा (8 प्रतिशत से ज्यादा) होता है, तो वह अक्सर सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) या किसी विशेष मुद्दे पर जनता के ध्रुवीकरण का परिणाम होता है. 1982 और 2011 के उदाहरणों से साफ है कि भारी मतदान बंगाल में हमेशा ‘परिवर्तन’ लाता है. अब 4 मई को आने वाले नतीजे ही बतायेंगे कि 89.93 प्रतिशत वोटिंग की यह गूंज किसके पक्ष में गयी है.
16 जिलों की 152 सीटों पर चुनाव संपन्न, अब 29 अप्रैल की तैयारी
बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनाव कराये जा रहे हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच छिटपुट घटनाओं के बीच पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया. दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल (बुधवार) को होगी. उस दिन राज्य की बाकी बची 142 विधानसभा सीटों पर लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. सभी 294 सीटों की मतगणना 4 मई को होगी और उसी दिन पता चल जायेगा कि बंगाल में अगली सरकार किसकी बनेगी. ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी या भाजपा उनको सत्ता से बेदखल कर देगी.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में दागी और करोड़पति उम्मीदवारों की बाढ़, 129 सीटें ‘रेड अलर्ट’ सीटें, पढ़ें ADR की पूरी रिपोर्ट
पहले चरण की 152 सीटों पर वोट के आंकड़े यहां देखें
| विधानसभा का नाम | वोट प्रतिशत |
|---|---|
| मेकलीगंज (एससी) | 94.96 |
| माथाभांगा (एससी) | 95.15 |
| कूचबिहार उत्तर (एससी) | 95.11 |
| कूचबिहार दक्षिण | 93.35 |
| शीतलकुची (एससी) | 96.45 |
| सिताई (एससी) | 96.43 |
| दीनहाटा | 95.45 |
| नाटाबाड़ी | 94.96 |
| तूफानगंज | 93.97 |
| कुमारग्राम (एसटी) | 93.58 |
| कालचीनी (एसटी) | 88.32 |
| अलीपुरडुआर्स | 92 |
| फाटाकाला (एससी) | 94.17 |
| मदारीहाट (एसटी) | 87.83 |
| धूपगुड़ी (एससी) | 95.18 |
| मयनागुड़ी (एससी) | 96.39 |
| जलपाईगुड़ी (एससी) | 92.36 |
| राजगंज (एससी) | 95.72 |
| डाबग्राम-फूलबाड़ी | 92.95 |
| माल (एसटी) | 93.84 |
| नागराकाटा (एसटी) | 91.99 |
| कलिम्पोंग | 82.99 |
| दार्जिलिंग | 82.12 |
| कर्सियोंग | 82.18 |
| माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (एससी) | 92.15 |
| सिलीगुड़ी | 90.3 |
| फांसीदेवा (एसटी) | 94.62 |
| चोपड़ा | 93.99 |
| इस्लामपुर | 90.83 |
| गोआलपोखर | 91.47 |
| चाकुलिया | 90.26 |
| करनदीघी | 94.29 |
| हेमताबाद (एससी) | 95.1 |
| कालियागंज (एससी) | 95.13 |
| रायगंज | 91.95 |
| ईटाहार | 95.68 |
| कूष्मांडी (एससी) | 95.56 |
| कुमारगंज | 95.81 |
| बालूरघाट | 93.3 |
| तपन (एसटी) | 94.91 |
| गंगारामपुर (एससी) | 95.4 |
| हरिरामपुर | 96 |
| हबीबपुर (एसटी) | 93.75 |
| गजोले (एससी) | 92.96 |
| चांचल | 93.99 |
| हरिश्चंद्रपुर | 93.72 |
| मालतीपुर | 93.1 |
| रतुआ | 92.86 |
| मानिकचक | 94.74 |
| मालदा (एससी) | 94.43 |
| इंगलिशबाजार | 89.67 |
| मोथाबाड़ी | 94.59 |
| सूजापुर | 92.98 |
| वैष्णवनगर | 94.68 |
| फरक्का | 96.05 |
| शमशेरगंज | 96.04 |
| सुती | 95.9 |
| जंगीपुर | 95.33 |
| रघुनाथगंज | 96.81 |
| सागरदीघी | 95.21 |
| लालगोला | 96.2 |
| भगवानगोला | 96.95 |
| रानीनगर | 96.03 |
| मुर्शिदाबाद | 94.82 |
| नबग्राम (एससी) | 90.44 |
| खरग्राम (एससी) | 88.21 |
| बरवान (एससी) | 87.8 |
| कांडी | 84.89 |
| भरतपुर | 88.76 |
| रेजीनगर | 92.02 |
| बेलडांगा | 92.89 |
| बहरमपुर | 91.29 |
| हरिहरपाड़ा | 95.21 |
| नोदा | 93.41 |
| डोमकल | 95.73 |
| जालंगी | 95.01 |
| तमलूक | 91.82 |
| पांंशकुड़ा पूर्व | 90.23 |
| पांशकुड़ा पश्चिम | 91.63 |
| मयना | 89.88 |
| नंदकुमार | 92.1 |
| महिषादल | 89.26 |
| हल्दिया (एससी) | 90.66 |
| नंदीग्राम | 92.06 |
| चंडीपुर | 89.39 |
| पटाशपुर | 92.21 |
| कांथी उत्तर | 89.96 |
| भगवानपुर | 92.15 |
| खेजुरी (एससी) | 90.2 |
| कांथी दक्षिण | 87.75 |
| रामनगर | 89.08 |
| एगरा | 91.21 |
| दांतन | 91.89 |
| केशियारी (एसटी) | 90.55 |
| खड़गपुर सदर | 92.49 |
| नारायणगढ़ | 92.53 |
| सबंग | 93.05 |
| पिंगला | 88.42 |
| खड़गपुर | 93.13 |
| डेबरा | 92.64 |
| दासपुर | 94.21 |
| घाटाल (एससी) | 94.93 |
| चंद्रकोना (एससी) | 92.42 |
| गड़बेता | 84.46 |
| सालबनी | 86.46 |
| केशपुर (एससी) | 92.99 |
| मेदिनीपुर | 94.72 |
| नयाग्राम (एसटी) | 94.7 |
| गोपीबल्लभपुर | 94.26 |
| झारग्राम | 92.13 |
| बिनपुर (एसटी) | 92.58 |
| बांदवान (एसटी) | 91.27 |
| बलरामपुर | 92.27 |
| बाघमुंडी | 90.5 |
| जॉयपुर | 90.24 |
| पुरुलिया | 89.26 |
| मानबाजार (एसटी) | 89.5 |
| काशीपुर | 86.44 |
| पाड़ा (एससी) | 91.02 |
| रघुनाथपुर (एससी) | 91.72 |
| सालतोड़ा (एससी) | 92.85 |
| छातना | 89.11 |
| रानीबांध (एसटी) | 89.68 |
| रायपुर (एसटी) | 90.68 |
| तालडांगड़ा | 90.53 |
| बांकुड़ा | 90.32 |
| बरजोड़ा | 92.05 |
| ओंडा | 93.04 |
| विष्णुपुर | 92.23 |
| कोतुलपुर (एससी) | 93.29 |
| इंडास (एससी) | 94.03 |
| सोनामुखी (एससी) | 93.28 |
| पांडवेश्वर | 91.2 |
| दुर्गापुर पूर्व | 89.35 |
| दुर्गापुर पश्चिम | 89.51 |
| रानीगंज | 90.24 |
| जामुड़िया | 91.25 |
| आसनसोल दक्षिण | 89.54 |
| आसनसोल उत्तर | 88.13 |
| कुल्टी | 89.14 |
| बाराबनी | 90.59 |
| दुबराजपुर (एससी) | 94.53 |
| सूरी | 92.62 |
| बोलपुर | 93.62 |
| नानूर (एससी) | 93.43 |
| लाभपुर | 94.21 |
| सैंथिया (एससी) | 94.9 |
| मयूरेश्वर | 93.72 |
| रामपुरहाट | 93.64 |
| हांसन | 94.87 |
| नलहाटी | 95.16 |
| मुराराई | 95.5 |
| कुल वोट प्रतिशत | 92.35 |
असम, केरलम और पुडुचेरी से भी ज्यादा वोट पड़े
वर्ष 2026 में 9 अप्रैल को असम और केरलम के साथ-साथ पुडुचेरी में भी चुनाव हुए थे. असम में 85.91 प्रतिशत, केरलम में 78.27 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. बंगाल में इन दोनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी से अधिक मतदान हुआ है.
इसे भी पढ़ें
उत्तर बंगाल का ‘किंगमेकर’ कौन? 40 सीटों पर राजबंशी वोटों के लिए TMC और BJP में आर-पार की जंग
बंगाल में ‘दलबदल’ से खुलती है जीत की राह? चौंकाने वाले संकेत दे रहे 3 चुनावों के आंकड़े
