बंगाल में इस बार होगा ‘भयंकर खेला’, टीएमसी ने एक्स पर ये क्या लिखा

Bengal Chunav 2026: बंगाल चुनाव 2021 में ‘खेला होबे-खेला होबे’ के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल चुनाव 2026 से पहले ‘भीषण रोकोम खेला’ यानी भयंकर खेला की चेतावनी दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर बाहुबल की इमोजी भी लगायी है. सत्तारूढ़ पार्टी के इस सोशल पोस्ट का मतलब क्या है?

Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता पहुंचे, तो राज्य की राजनीति में उबाल आ गया. एक ओर प्रधानमंत्री के बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, तो दूसरी ओर बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की. टीएमसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ‘भयंकर खेला’ की बात कह दी है.

बंगाल में इस बार होगा ‘भयंकर खेला’ – टीएमसी

जी हां. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के एक्स हैंडल पर बांग्ला भाषा में 4 लाइन का पोस्ट किया गया. उसके साथ मसल पावर (बाहुबल) का इमोजी लगाते हुए कहा गया ब्रिंग इट ऑन. टीएमसी ने जो पोस्ट किया है, उस पर लिखा है- आमार माटी सईबो ना, यूपी-बिहार हईबे ना. बांग्ला आमार बांग्ला रइबे, भीषण रकम खेला होबे. हिंदी में इसका अर्थ है- हमारी माटी नहीं सहेगी. यूपी-बिहार नहीं बनेगी. हमारा बंगाल बंगाल ही रहेगा, इस बार ‘भयंकर खेला’ होगा.

पीएम मोदी ने कहा था- बंगाल को जंगलराज से मुक्त करना होगा

शनिवार को प्रधानमंत्री ने कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से नदिया की जनसभा को संबोधित किया था. इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि गंगाजी बिहार से ही बांग्ला पहुंचती है. बिहार से जंगलराज को भाजपा ने दूर किया है. पश्चिम बंगाल को भी जंगलराज से मुक्त करना होगा. भाजपा ने मोदी के इस बयान को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, तो जवाब में तृणमूल ने ये बातें कहीं.

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Bengal Chunav 2026: बंगाल चुनाव 2021 में वायरल हुआ था – खेला होबे, खेला होबे

वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में वोटिंग से पहले, वोटिंग के दौरान और वोटिंग के जमकर हिंसा हुई थी. चुनाव से पहले तब भी ‘खेला होबे-खेला होबे’ यानी खेल होगा, खेल होगा चर्चा में रहा था. उस समय चुनाव में और चुनाव के बाद बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा में बड़े पैमाने पर लोगों की मौतें हुई थी. बंगाल चुनाव 2026 से पहले टीएमसी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से ‘भयंकर खेला’ की बात कही गयी है. इसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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