बेलडांगा हिंसा : एनआइए जांच को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में पिछले महीने हुई हिंसा की घटना की एनआइए जांच के आदेश को पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिया था मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का आदेश
संवाददाता, कोलकातामुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में पिछले महीने हुई हिंसा की घटना की एनआइए जांच के आदेश को पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इससे पहले कलकत्ता हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि अगर केंद्र सरकार चाहे, तो मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुई हालिया घटना की जांच एनआइए से करा सकता है. हालांकि, इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की एनआइए जांच का आदेश दिया है. इसके बाद एनआइए की टीम ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र व स्थानीय थानों का दौरा किया और मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा है. इसी बीच, अब पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.जल्द ही मामले की सुनवाई होने की उम्मीद की जा रही है.
अदालत के आदेश के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का आरोप, सुनवाई कल
कोलकाता. उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में रहने वाले भाजपा नेता गंगाधर कयाल समेत अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिला पुलिस ने एक मामले में एफआइआर दर्ज की थी. इसके खिलाफ भाजपा नेताओं ने कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर फिलहाल रोक का आदेश दिया था. लेकिन आरोप है कि अदालत के आदेश के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है और साथ ही उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी भी दी जा रही है. मंगलवार को हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल व न्यायाधीश पार्थ सारथी सेन की बेंच पर याचिकाकर्ताओं ने इसे लेकर ध्यानाकर्षण किया है. मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी.
को-ऑपरेटिव चुनाव में हुई बमबाजी की घटना पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मांगी रिपोर्ट
कोलकाता. पूर्व मेदिनीपुर जिले में वर्ष 2024 में तमलुक-घाटाल सेंट्रल को-ऑपरेटिव सोसाइटी के चुनाव के दौरान बम विस्फोट हुआ था. इस घटना को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से एक बार फिर से रिपोर्ट तलब की है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने राज्य को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट से अदालत संतुष्ठ नहीं हुई तो मामले की जांच का जिम्मा एनआइए को सौंपा जा सकता है. हाइकोर्ट ने राज्य को इस मामले में पांच फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है. मामले की सुनवाई उसी दिन अदालत में होगी.