हॉस्टल में ‘अतिथि’ के रूप में रहने वालों पर लगी रोक

पिछले वर्ष की रैगिंग की घटना से मारे गये छात्र की मौत से सबक लेते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय ने नये छात्रों के हॉस्टल में ‘अतिथि’ के रूप में रहने पर रोक लगा दी है.

जादवपुर विश्वविद्यालय. हॉस्टलों पर रखी जा रही कड़ी निगरानी

संवाददाता, कोलकातापिछले वर्ष की रैगिंग की घटना से मारे गये छात्र की मौत से सबक लेते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय ने नये छात्रों के हॉस्टल में ‘अतिथि’ के रूप में रहने पर रोक लगा दी है. अधिकारी का कहना है कि अब कोई भी गेस्ट बताकर होस्टल में नहीं रह पायेगा. होस्टलों पर कड़ी निगरानी व निरीक्षण किया जा रहा है. छात्रों के डीन, रजत रॉय ने एक नोटिस जारी किया था, जिसमें पिछले साल एक स्नातक छात्र की मौत से सबक लेते हुए कड़ी व्यवस्था करने की बात कही थी.

डीन ऑफ स्टूडेंट्स द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि नव प्रवेशित प्रथम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को डीन के कार्यालय द्वारा छात्रावास सीटों के औपचारिक आवंटन से पहले किसी भी स्थिति में छात्रावास में रहने की सख्त मनाही है. इस प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वाले या इसका उल्लंघन करने वाले, अनधिकृत रहने वाले छात्रों और मौजूदा हॉस्टल बोर्डर्स (निवासियों) दोनों के खिलाफ छात्रावास नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी. रैगिंग विरोधी नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.

बिना अनुमति के हॉस्टल में रहने पर होगी कार्रवाई

विश्वविद्यालय ने मौजूदा छात्रावास निवासियों से कहा है कि वे विश्वविद्यालय अधिकारियों की अनुमति के बिना बाहरी लोगों या गैर-निवासियों (नॉन बोर्डर्स) को अपने कमरों में प्रवेश न करने दें. किसी भी बोर्डर (निवासी) को बिना अनुमति के हॉस्टल में समायोजित करने से हॉस्टल से संभावित निष्कासन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

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