पुरस्कार जीतने वाली अनुपर्णा को नहीं थी फिल्मों में रुचि

कोयला क्षेत्र के सेवानिवृत्त अधिकारी राय (63) ने बताया : हमने स्कूल के दिनों में फिल्मों के प्रति उसका ज्यादा लगाव और जुनून नहीं देखा था, लेकिन वह पढ़ाई में बहुत मेहनती थी.

कोलकाता. वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपनी फिल्म ””सॉन्ग ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज”” के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीतने वालीं अनुपर्णा रॉय ने मंगलवार को कहा कि स्कूल के दिनों में फिल्मों के प्रति उनका ज्यादा लगाव और जुनून नहीं था, लेकिन वह अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध थीं. अनुपर्णा की इस उपलब्धि पर उनके पिता ब्रह्मानंद राय पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में अपने घर में अनुपर्णा के स्वागत के लिए उत्सुक हैं. कोयला क्षेत्र के सेवानिवृत्त अधिकारी राय (63) ने बताया : हमने स्कूल के दिनों में फिल्मों के प्रति उसका ज्यादा लगाव और जुनून नहीं देखा था, लेकिन वह पढ़ाई में बहुत मेहनती थी. फिल्मों के प्रति उसकी महत्वाकांक्षा बाद में सामने आयी, जब उसने आइटी क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया. उसने अपनी पहचान बनाने का संकल्प लिया था. उन्होंने बताया कि बंगाल से अंग्रेजी ऑनर्स करने के बाद अनुपर्णा दिल्ली चली गयी और आइटी सेक्टर में अपना करियर बनाया. राय के अनुसार, 2021 में कोविड-19 के दौरान वह मुंबई गयीं और फिल्म निर्माण में हाथ आजमाने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि अनुपर्णा ने यह जोखिम इसलिए उठाया, क्योंकि उन्हें आत्मविश्वास था. मां मनीषा राय ने कहा कि अनुपर्णा जो कुछ भी हासिल करना चाहती थी, उसमें अपना 100 प्रतिशत दिया. पिता ने कहा : शुरू में मुझे लगा था कि उसे सरकारी नौकरी मिल जायेगी. जब वह आइटी सेक्टर में आयी, तो हम खुश थे. लेकिन मैं अक्सर उसे डांटता था क्योंकि वह बार-बार अपनी नौकरी बदलती रहती थी. वह अक्सर कहती थी कि वह मुझे और अपनी मां को गौरवान्वित करेगी.

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Author: GANESH MAHTO

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