मुख्य बातें
Arabul Islam: कोलकाता : भांगड़ के पूर्व विधायक अराबुल इस्लाम ने तृणमूल से इस्तीफा देने का फैसला किया है. सोमवार को उन्होंने साफ कहा- वे अराबुल इस्लाम को समझ नहीं पाए. मुझ पर पांच बार मुकदमा किया गया, तीन बार पार्टी से निकाला गया. इसीलिए मैं आज भारी मन से तृणमूल से इस्तीफा दे रहा हूं. उन्होंने कहा- तृणमूल में मेरे साथ बस एक ही समस्या है, पार्टी मुझे समझ नहीं पाई. हालांकि उन्होंने मौखिक रूप से इस्तीफे की बात कही है, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पार्टी में हो गये थे अलग-थलग
निलंबन और निष्कासन के कारण पिछले कुछ वर्षों में अराबुल और पार्टी के बीच दूरियां बढ़ गई थी. एक बार तो वह इस उथल-पुथल से बाहर निकल आए थे. तृणमूल के स्थापना दिवस पर भी शौकत गुट और अराबुल गुट के बीच का विवाद एक नया रूप ले लिया. बार-बार विवादों के चलते अराबुल इस्लाम तृणमूल कांग्रेस में अपनी अहमियत खो बैठे हैं. अराबुल पार्टी में ‘कोने में धकेल दिए जाने’ लगे. अंततः, ‘महत्वहीन’ हो जाने के कारण उन्होंने पूरी तरह से इस्तीफा देने का फैसला किया.
एक दो दिन में लेंगे फैसला
अराबुल सोमवार को फरफुरा शरीफ जा रहे हैं. अगर सब ठीक रहा तो तृणमूल के कभी ‘युवा नेता’ रहे अराबुल इस्लाम मंगलवार को आईएसएफ में शामिल हो जाएंगे. हालांकि, इस बारे में अभी वो कुछ भी कहने से हिचकिचा रहे हैं. पूर्व विधायक के शब्दों में- मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा, जब हालात बनेंगे तब कहूंगा. लेकिन मैं एक बात कह सकता हूं, एक-दो दिन में क्या होगा. कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में तृणमूल इस बार आईएसएफ के सामने शौकत मोल्लाह को आगे ला सकती है. हालांकि पार्टी ने इस मामले पर अभी कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नौशाद ने मुलाकात से किया इनकार
आईएसएफ नेता और भांगड़ विधायक नौशाद सिद्दीकी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- अराबुल को तृणमूल ने इस्तेमाल करके छोड़ दिया. नौशाद ने कहा- क्या तृणमूल अब भी शाहजहां का नाम लेती है. उनकी पार्टी में उनके जैसे कई लोग हैं, जिनका इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाता है. हालांकि, उन्होंने मुझसे संपर्क नहीं किया, लेकिन उन्होंने जिला स्तरीय नेतृत्व में बैठे लोगों से बात की. उन्होंने आईएसएफ में शामिल होने की इच्छा जताई हैं.
Also Read: बंगाल चुनाव : 60 लाख वोटर विचाराधीन, अब तक 18 लाख का निपटारा, SIR पर सस्पेंस बरकरार
