बंद पड़े क्लब में धमाकों से दहला पाइकपाड़ा, छह बम बरामद

उत्तर कोलकाता में शनिवार सुबह एक बंद पड़े क्लब में विस्फोट होने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना पाइकपाड़ा के गांगुलीपाड़ा लेन की बतायी जा रही है, जहां कई महीनों से बंद पड़े एक क्लब में अचानक कई धमाके हुए.

कोलकाता.

उत्तर कोलकाता में शनिवार सुबह एक बंद पड़े क्लब में विस्फोट होने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना पाइकपाड़ा के गांगुलीपाड़ा लेन की बतायी जा रही है, जहां कई महीनों से बंद पड़े एक क्लब में अचानक कई धमाके हुए. हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय क्लब बंद था, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. वहां से छह बम बरामद हुए हैं.

कुछ ही मिनटों में हुए कई धमाके

जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह 6.11 बजे इलाके के लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाज सुनी. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ ही मिनटों के अंदर कई बार विस्फोट हुए, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबरा कर बाहर निकल आये. धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि क्लब की टिन की छत उड़ कर पास की एक बहुमंजिली इमारत की छत पर जा गिरी. आसपास के कुछ घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गये. क्लब में भी आग लग गयी.

घटना की सूचना मिलते ही चितपुर थाने की पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पाने के बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और पूरे परिसर की तलाशी ली गयी. तलाशी के दौरान क्लब के अंदर से छह बम बरामद किये गये, जिन्हें बम स्क्वॉड ने निष्क्रिय कर दिया.

क्या कहना है पुलिस का : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि बम वहां किसने रखे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था. मामले की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

क्लब की जमीन को लेकर है विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस क्लब में विस्फोट हुआ उसका नाम युवाशक्ति क्लब है. यह कई महीनों से बंद पड़ा था. क्लब के पदाधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में क्लब की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. कुछ लोगों द्वारा वहां प्रमोटिंग यानी रियल एस्टेट विकास करने की कोशिश की जा रही थी और क्लब खाली कराने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा था. क्लब के सदस्यों का आरोप है कि इसी विवाद के कारण किसी ने क्लब में बम रख दिया होगा.

घटना को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी : इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गयी है. विपक्षी दल भाजपा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सच्चाई जल्द सामने आ जायेगी.

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Author: BIJAY KUMAR

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