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Amit Shah: कोलकाता/ नई दिल्ली. केंद्र सरकार की घुसपैठ रोकने की एक ही नीति है: पता लगाना, नष्ट करना, निर्वासित करना. यह प्रक्रिया बंगाल में भी शुरू हो चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही घोषणा की थी कि अगर बंगाल में भाजपा सरकार सत्ता में आती है, तो देश घुसपैठ मुक्त हो जाएगा. इस दिशा में काम शुरू हो चुका है. प्रक्रिया पहले से ही चल रही थी. ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सीमा सुरक्षा की समीक्षा के लिए देशव्यापी दौरे पर निकल चुके हैं. वे मुख्य रूप से देश के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल भी उनके दौरे में शामिल है.
अमित शाह की सीमा यात्रा
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अमित शाह अगले एक माह में चार राज्यों का दौरा करेंगे. यह दौरा मंगलवार से शुरू हो चुका है. वे राजस्थान के बीकानेर गये हैं. वे वहां सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे. साथ ही, वे राजस्थान के सीमा से सटे पांच जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों, एसपी, पुलिस अधिकारियों, राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों, बीएसएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. राजस्थान के बाद वो बंगाल आयेंगे. बंगाल ने बीएसएफ को जमीन सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं राजनीतिक हलकों में अमित शाह की सीमा यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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जून में आयेंगे बंगाल
वह अगले महीने पश्चिम बंगाल आयेंगे. वे 15 जून को बंगाल आयेंगे. पता चला है कि वे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में स्थित बीएसएफ चौकी का दौरा करेंगे. यहां भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ के कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे. इसके अलावा, वे डीएम, एसपी, सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों, राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों, बीएसएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. गृह मंत्री ने पहले ही बीएसएफ को स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सरकार जनसांख्यिकीय परिवर्तन को रोकने के लिए घुसपैठ को पूरी तरह से रोकना चाहती है.
मादक पदार्थों की तस्करी पर होगी चर्चा
बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, मवेशी और मादक पदार्थों की तस्करी व सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी करेंगे. सूत्रों का कहना है कि सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी उनकी बैठक होने की संभावना है. सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं. अमित शाह स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट को लेकर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे. इस परियोजना का मकसद तकनीक के जरिये सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाना है. इसके तहत सेंसर, कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जायेगा, ताकि घुसपैठ को तुरंत रोका जा सके.
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