दत्तपुकुर में एसआइआर के भय से बुजुर्ग की मौत होने का आरोप

त्तपुकुर थाना अंतर्गत पश्चिम खिलकापुर पंचायत के चाटुरिया गांव में एसआइआर प्रक्रिया को लेकर भय के कारण एक बुजुर्ग की मौत होने का आरोप लगाया गया है.

संवाददाता, बैरकपुर.

दत्तपुकुर थाना अंतर्गत पश्चिम खिलकापुर पंचायत के चाटुरिया गांव में एसआइआर प्रक्रिया को लेकर भय के कारण एक बुजुर्ग की मौत होने का आरोप लगाया गया है. परिवार और तृणमूल कांग्रेस, दोनों का दावा है कि दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद बांग्लादेश भेजे जाने की आशंका से बुजुर्ग तनाव में थे, जिसके चलते उन्हें दिल का दौरा पड़ा. मृतक का नाम जिया अली (70) बताया गया है.

परिजनों के अनुसार, जिया अली का नाम 2002 की मतदाता सूची में मौजूद था, लेकिन उसमें उनका एपिक नंबर दर्ज नहीं था. परिवार का कहना है कि उन्होंने वर्षों से लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों में नियमित रूप से मतदान किया था. एसआइआर प्रक्रिया शुरू होने पर एपिक नंबर की कमी को लेकर वह अत्यधिक परेशान रहने लगे. उन्हें गणना फॉर्म तो मिला, लेकिन फॉर्म में एपिक नंबर न होने की स्थिति में क्या भरें, इसे लेकर वे लगातार चिंता जाहिर कर रहे थे. उन्होंने अपने बेटे से भी कहा था कि एपिक नंबर न होने के कारण उन्हें कहीं निर्वासित न कर दिया जाये.

गुरुवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा. पहले बारासात अस्पताल ले जाया गया, फिर स्थिति गंभीर होने पर आरजी कर और बाद में एनआरएस रेफर किया गया. शनिवार को उनका निधन हो गया. बेटे सैदुल अली का कहना है कि एसआइआर को लेकर बना मानसिक दबाव ही उनकी मृत्यु का कारण बना. घटना की जानकारी मिलने पर राज्य के मंत्री रथीन घोष और मध्यमग्राम नगरपालिका के चेयरमैन निमाई घोष परिवार से मिलने पहुंचे. मंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के घुसपैठिये जैसे बयानों से लोग भयभीत हैं. उन्होंने कहा कि जिया अली का नाम मतदाता सूची में होने के बावजूद एपिक नंबर न होना आयोग की गलती है और उसकी कीमत एक जान ने चुकायी.

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By SUBODH KUMAR SINGH

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