जरूरी बातें
ADR Report: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का चुनावी रण अब केवल दावों और वादों तक सीमित नहीं रह गया है. उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों ने अमीरी और गरीबी की एक ऐसी खाई को उजागर किया है, जो चौंकाने वाली है.
दिहाड़ी मजदूरी से भी कम संपत्ति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक तरफ करोड़ों की संपत्ति वाले ‘कुबेर’ चुनाव मैदान में हैं, तो कुछ ऐसे भी प्रत्याशी हैं, जिनकी कुल संपत्ति एक सामान्य दिहाड़ी मजदूर की एक दिन की कमाई से भी कम है.
करोड़पतियों की फौज : जाकिर हुसैन सबसे अमीर
पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें से लगभग पांचवां हिस्सा करोड़पतियों का है.
- टॉप-3 रईस : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जंगीपुर से उम्मीदवार जाकिर हुसैन 133 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ सबसे अमीर प्रत्याशी हैं. उनके बाद बरजोड़ा से गौतम मिश्रा (105 करोड़ रुपए) और दुर्गापुर पश्चिम से कवि दत्त (72 करोड़ रुपए) का नंबर आता है.
- पार्टीवार स्थिति : करोड़पतियों की संख्या में TMC सबसे आगे है, जिसके 106 उम्मीदवार करोड़पति हैं. भाजपा के 71, कांग्रेस के 50 और माकपा (CPM) के 24 उम्मीदवारों के पास करोड़ों की संपत्ति है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आश्चर्यजनक गरीबी : महज 500 रुपये की संपत्ति
अमीरों के इस रेले के बीच कुछ ऐसे भी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जो अपनी सादगी या आर्थिक तंगी के कारण चर्चा में हैं.
- रुबिया बेगम (AJUP): दुर्गापुर पूर्व से चुनाव लड़ रही रुबिया बेगम ने अपनी कुल संपत्ति केवल 500 रुपए घोषित की है.
- सुश्रिता सोरेन (SUCI): मेदिनीपुर से मैदान में उतरीं सुश्रिता के पास कुल 700 रुपए की संपत्ति है.
- यशोदा बर्मन : जलपाईगुड़ी की इस उम्मीदवार ने हलफनामे में 924 रुपए की संपत्ति घोषित की है.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर
ADR Report: BJP और TMC में क्रिमिनल रिकॉर्ड की होड़
संपत्ति के साथ-साथ उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास ने भी चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
- भाजपा (BJP): आपराधिक मामलों में भाजपा सबसे आगे है. पार्टी के 152 उम्मीदवारों में से 106 पर क्रिमिनल केस लंबित हैं. इनमें से 96 मामले बेहद गंभीर श्रेणी के हैं.
- तृणमूल (TMC): टीएमसी के 148 उम्मीदवारों में से 63 पर आपराधिक केस हैं. 48 पर गंभीर प्रकृति के मुकदमे दर्ज हैं.
- कुल औसत : हर 5 में से एक उम्मीदवार (20 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहा है.
इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख
शिक्षा और अन्य पहलू
रिपोर्ट यह भी बताती है कि उम्मीदवारों के बीच शिक्षा और उम्र को लेकर भी बड़ी विविधता है. हालांकि, इस बार मुख्य फोकस धनबल और बाहुबल पर है. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि सभी उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी, ताकि मतदाता एक जागरूक फैसला ले सकें.
इसे भी पढ़ें
बंगाल चुनाव से 4 दिन पहले दुर्गापुर में बंद हो गये मयखाने, शराब पीने वाले परेशान
बंगाल चुनाव 2026 में ‘झूठ’ का सहारा ले रही TMC? SIR को NRC बताकर डराने और ‘फिश बैन’ की अफवाह का आरोप
