तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस पालन को अधीर चौधरी ने बताया नाटक

21 जुलाई को नदिया जिला के पलाशी के पंचखेला में युवा कांग्रेस की ओर से शहीद दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

कल्याणी. 21 जुलाई को नदिया जिला के पलाशी के पंचखेला में युवा कांग्रेस की ओर से शहीद दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने धर्मतला में तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस सभा पर तंज कसा. श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा- तृणमूल कांग्रेस का शहीद दिवस एक नाटक है. 1993 में 13 कांग्रेस के कार्यकर्ता शहीद हुए थे. 13 शहिद लोगों का किसी भी पोस्ट या बैनर में तस्वीर या नाम दिखाई नहीं देता. सिर्फ दो लोगों का ही नाम और फोटो रहता है ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का. बीजेपी और टीएमसी के पास बहुत पैसा है, इसी से बड़ी रैलियां करते हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तमन्ना के घर नहीं गयीं. उसके घरवालों से भी नहीं मिलीं. अधीर ने कहा- बंगालियों के उत्पीड़न को लेकर मुख्यमंत्री अब तक चुप क्यों हैं, इसका कोई जवाब नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रवासी श्रमिकों की वास्तविक संख्या का खुलासा न करने और अन्य राज्यों में उत्पीड़ित बंगालियों के साथ खड़े न होने पर मुख्यमंत्री की चुप्पी रहस्यमय है.

राज्य में काम की कमी के कारण प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने आगे दावा किया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से बंगाली नागरिकों को परेशान किया जा रहा है, लेकिन ममता बनर्जी अब तक चुप हैं और अब चुनाव से पहले ””मगरमच्छ के आंसू”” बहा रही हैं.

उन्होंने कहा- कोविड काल के दौरान प्रवासी श्रमिकों को मुआवजे और काम देने के अपने वादों को पूरा करने में राज्य सरकार विफल है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >