कुछ लोगों से पूछताछ की गयी है. उधर, अस्पताल के सीइओ शांतनु चट्टोपाध्याय ने अलीपुर थाने में निजी अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तहत शिकायत दर्ज करायी है. वहीं, मृत मरीज के पिता मोहम्मद कमाल व चाचा मोहम्मद जाहिद की तरफ से रुपये जमा देने में देर करने के कारण इलाज में लापरवाही बरतने व गैरइरादतन हत्या की शिकायत अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अलीपुर थाने में ही दर्ज करायी है. पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है.
इकबालपुर: मरीज की मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा, सीएमआरआइ में भारी तोड़फोड़
कोलकाता: इकबालपुर के कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमआरआइ) में बुधवार सुबह एक मरीज की मौत के बाद इलाज में कथित लापरवाही से गुस्साये परिजनों व अन्य लोगों ने भीषण तोड़फोड़ की. तोड़फोड़ से अस्पताल को काफी नुकसान पहुंचा है. अस्पताल के कांच के प्रवेश द्वार व विभिन्न काउंटरों पर तोड़फोड़ की गयी. फ्लावर पॉट आदि […]

कोलकाता: इकबालपुर के कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमआरआइ) में बुधवार सुबह एक मरीज की मौत के बाद इलाज में कथित लापरवाही से गुस्साये परिजनों व अन्य लोगों ने भीषण तोड़फोड़ की. तोड़फोड़ से अस्पताल को काफी नुकसान पहुंचा है. अस्पताल के कांच के प्रवेश द्वार व विभिन्न काउंटरों पर तोड़फोड़ की गयी. फ्लावर पॉट आदि तोड़ दिये गये. यही नहीं, जूनियर डॉक्टरों व नर्स के साथ भी मारपीट की. घटना के चलते प्रबंधन ने इमरजेंसी विभाग को बंद कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, इकबालपुर निवासी साइका परवीन (16) को पेट दर्द की शिकायत पर सीएमआरआइ में मंगलवार को भरती किया गया था. परिजनों का आरोप है कि प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने एक छोटा ऑपरेशन करने की बात कही थी. इसके लिए रुपये जमा कराने को कहा गया. शुरुआत में उन्होंने 40 हजार रुपये जमा कराये. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लाने के बाद काफी देर तक उनकी बेटी को इलाज के बिना ही एक जगह पर ले जाकर रख दिया गया. उस दौरान वह पेट दर्द से लगातार तड़प रही थी. इसके बाद बुधवार को उन्हें पता चला कि उनकी बेटीसाइका की मौत हो चुकी है. शव को उनके हवाले करने से पहले अस्पताल का बिल चुकाने की जिद पर प्रबंधन के लोग अड़े थे.
इस मामले में सीएमआरआइ अस्पताल की तरफ से कहा गया है कि मरीज को जब अस्पताल लाया गया, तब उसकी स्थिति काफी खराब थी. अस्पताल के चिकित्सकों ने उसके बेहतर इलाज की सभी कोशिश की, उसे ऑपरेशन थियेटर में भी ले जाया जा रहा था. इस बीच हृदयाघात के कारण साइका की मौत हो गयी. वहीं, साइका के चाचा शौकत अली का कहना है कि उनकी बच्ची की हालत उतनी भी खराब नहीं थी. अस्पताल की ओर से गलतबयानी किया जा रहा है. इस घटना के बाद अस्पताल में तोड़फोड़ के अलावा इलाके के लोगों ने काफी देर तक डायमंड हार्बर रोड को रह-रह कर अवरोध किया. इसके कारण दिनभर ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हुई. हालात को काबू में करने के लिए वाटगंज व अलीपुर थाने से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया. मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (3) सह ज्वाइंट सीपी (हेडक्वार्टर) सुप्रतीम सरकार ने बताया कि घटना के सिलसिले में जांच कर ही है.