कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
Euros: अयोध्या के राम मंदिर की तिजोरी से पैसे गायब होने का मामला अभी चल ही रहा था कि बंगाल में सीमा शुल्क विभाग की तिजोरी से 50 हजार यूरो की चोरी होने का मामला सामने आया है. भारतीय मुद्रा में जिसकी वर्तमान कीमत 54 लाख 35 हजार रुपये है. गायब हुए यूरो का कोई सुराग न मिलने पर आखिरकार सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है. सीमा शुल्क विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस घटना की शुरुआत आज से लगभग एक दशक पहले, वर्ष 2014 में हुई थी. उत्तर 24 परगना के निवासी राजकुमार दास बैंकॉक जा रहा था. उस समय उनके बैग की तलाशी लेने पर अधिकारियों को 50 हजार यूरो मिले थे.
तस्करी करने के आरोप में जब्त हुई थी राशि
सीमा शुल्क विभाग को सूचना दिये बिना विदेशी मुद्रा की तस्करी करने के आरोप में विभाग ने उन यूरो को जब्त कर लिया था. जांच में पता चला कि राजकुमार दास 10 हजार रुपये के बदले किसी अन्य व्यक्ति की यह रकम बैंकॉक पहुंचाने जा रहा था. जब्त किये जाने के समय यूरो की भारतीय मुद्रा में कीमत 41 लाख 52 हजार रुपये थी. उस विदेशी मुद्रा को कानून के तहत जुर्माना देकर छुड़ाने की कोशिश भी की गई, लेकिन अंततः पूरी राशि को जब्त कर लिया गया.
लोहे की तिजोरी से यूरो गायब
नियमों के अनुसार 2021 में इस जब्ती की जानकारी बारासात अदालत को भी दी गयी. इसके बाद 2023 में विभागीय नियमों के तहत उस राशि को हवाई अड्डे से बैंक की अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, तभी सीमा शुल्क अधिकारी हैरान रह गये. विदेशी मुद्रा को कस्टम्स के एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने जब्त किया था और उसे उनकी लोहे की तिजोरी में रखा गया था. लेकिन तिजोरी से वह मुद्रा गायब थी.
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विभागीय जांच में नहीं मिला सूराग
सीमा शुल्क विभाग के जांचकर्ताओं ने इसकी तलाश में जांच शुरू की, लेकिन आंतरिक जांच में यह पता नहीं चल पाया कि रकम किसने गायब की. आंतरिक जांच पूरी होने के बाद, हवाई अड्डे पर कस्टम्स विभाग के सहायक आयुक्त (एयर इंटेलिजेंस यूनिट) अनिलकुमार दास ने एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज करायी है, जिसकी जांच शुरू हो चुकी है.
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