सीमांत क्षेत्र में व्यवसाय में आयी 50 प्रतिशत की गिरावट

भारत-बांग्लादेश सीमांत बनगांव अंचल में व्यवसाय में 50 प्रतिशत की गिरावट आयी है. इसके पीछे बांग्लादेशी खरीदारों और पर्यटकों की कमी को वजह बताया जा रहा है.

वर्तमान हालात के कारण घर वापस लौट रहे बांग्लादेशी, पर्यटकों की कमी से बाजार सूना

बांग्लादेश वापसी के लिए पेट्रोपोल सीमा पर उमड़ रही भीड़

प्रतिनिधि, बनगांव

भारत-बांग्लादेश सीमांत बनगांव अंचल में व्यवसाय में 50 प्रतिशत की गिरावट आयी है. इसके पीछे बांग्लादेशी खरीदारों और पर्यटकों की कमी को वजह बताया जा रहा है. चार महीने पहले बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलन और सरकार बदलने के बाद भारत ने बांग्लादेशियों के लिए वीजा व्यवस्था कड़ी कर दी है. परिणामस्वरूप, बांग्लादेश की सीमा से लगे भारत के जिलों में बांग्लादेशी खरीदार और पर्यटक कम हो गये और इसका असर बिजनेस पर पड़ रहा था. इस बीच बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के कारण दोनों देशों के बीच तनाव के माहौल के कारण बांग्लादेशी पर्यटक व नागरिक डर से अपने घर वापस लौटने लगे हैं.

इसके लिए पेट्रोपाल के जरिये बांग्लादेशी वापस घर लौट रहे हैं, जिस कारण से पेट्रोपोल सीमा पर भीड़ उमड़ रही है. वहां के नागरिक जल्द से जल्द घर लौटना चाहते हैं. कई बांग्लादेशी इलाज कराने के लिए कोलकाता आये थे, लेकिन हालात बिगड़ने के डर से लौटने लगे हैं. कई घूमने के वीजा पर आये थे, लेकिन अभी समय रहते हुए भी वे लोग वापसी करने लगे है. सीमा सील होने के डर से भी बांग्लादेशी नागरिक सुरक्षित घर जल्द से जल्द लौटना चाहते हैं. ऐसे में बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या कम होती जा रही है.

इधर, बनगांव नगरपालिका के चेयरमैन गोपाल सेठ ने बताया है कि पिछले कुछ महीनों में बनगांव में कारोबार 50 से 60 फीसदी तक कम हो गया है. पेट्रापोल सीमा से छह किमी दूर ताओ बाजार है. वहां जाकर भी देखा जा सकता है कि सड़कें खाली हैं. दुकानें खाली हैं. वहां के कारोबारी गौतम हाल्दार ने कहा : मेरी दुकान की बिक्री 30 फीसदी तक कम हो गयी है. कई बांग्लादेशी पर्यटक, खरीदारी और चिकित्सा सेवाओं के लिए बनगांव आते हैं, लेकिन हाल ही में इस क्षेत्र में बांग्लादेशी पर्यटकों, खरीदारों और मरीजों की संख्या लगभग शून्य होने लगी है.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले में महिलाओं को भी नहीं छोड़ा जा रहा है. पुलिस भी मदद करने की बजाय परेशान कर रही है. इधर, पर्यटकों की कमी से बनगांव बाजार, मतीगंज बाजार सहित अन्य व्यवसायिक क्षेत्र ग्राहक विहीन होने लगे हैं. मतिगंज के संतोषी लॉज के मालिक विश्वजीत दास ने कहा कि बनगांव का पर्यटन कारोबार पिछले 70-80 वर्षों से फल-फूल रहा था. इस बार बड़ा झटका लगा है.

जेसोर रोड पर मदर्स आशीर्वाद गेस्ट हाउस भी पर्यटकों से खाली है. गेस्ट हाउस के मालिक चितरंजन साहा ने कहा कि कोरोना महामारी को छोड़ कर हमने कभी ऐसा संकट नहीं देखा. बांग्लादेशियों के नहीं आने से हमारा होटल व्यवसाय बंद होने के कगार पर है. इसके अलावा ऑटो, टोटो और रिक्शा चालक भी प्रभावित हुए हैं.

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