जमात से तृणमूल सांसद के संबंध की छानबीन

कोलकाता : बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमायत-ए-इसलामी को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा के सांसद अहमद हसन इसलाम द्वारा आर्थिक मदद देने का मामला बढ़ता ही जा रहा है. इस संबंध में जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महानगर में बांग्लादेश की उच्चायुक्त आबिदा इसलाम को तलब किया था. इस संबंध में जवाब देने […]

कोलकाता : बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमायत-ए-इसलामी को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा के सांसद अहमद हसन इसलाम द्वारा आर्थिक मदद देने का मामला बढ़ता ही जा रहा है. इस संबंध में जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महानगर में बांग्लादेश की उच्चायुक्त आबिदा इसलाम को तलब किया था.

इस संबंध में जवाब देने के लिए वह सोमवार को राज्य सचिवालय पहुंची और सीएम के साथ करीब आधे घंटे तक उनकी बैठक हुई. हालांकि बैठक के बाद मुख्यमंत्री या बांग्लादेश की उच्चायुक्त ने बैठक में हुई बात पर कुछ नहीं कहा, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश में एक समाचार पत्र में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अहमद हसन इमरान द्वारा बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमायत-ए-इसलामी को आर्थिक मदद देने की रिपोर्ट छपी थी. अब इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है.

हालांकि इस संबंध में बांग्लादेश के प्रख्यात मानवाधिकार कर्मी शहरियार कबीर ने भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद प्रतिबंधित संगठन जमायत-ए-इसलामी के संस्थापक सदस्य थे. हालांकि उन्होंने इसको फंड दिये जाने के संबंध में कुछ नहीं कहा. अब बंगाल सरकार ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त के माध्यम से वहां की सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा है.
हालांकि बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि सारधा मामला विचार-विमर्श की सूची में शामिल नहीं है. बांग्लादेश के विदेश सूत्र के अनुसार कुछ दिनों के बाद ही आबिदा भारत से चली जायेंगी. कोलकाता स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन से जाने के पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनकी मुलाकात सौजन्यमूलक है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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