कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ वामपंथी छात्रों का धर्मतला में प्रदर्शन शनिवाद देर रात तक जारी रहा. छात्रों की प्रदर्शन के कारण धर्मतला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गयी. वामपंथी छात्र शनिवार सुबह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे का विरोध कर रहे थे, लेकिन रात साढ़े सात बजे के बाद छात्रों ने उग्र रूप ले लिया है और पुलिस का बैरिकोड तोड़ कर राजभवन की ओर जाने का प्रयास करने लगे. पुलिस ने छात्रों को आगे जाने नहीं दिया. इसके बाद उन लोगों ने धर्मतला के पास सड़क पर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
देर रात तक चला धरना-प्रदर्शन का दौर

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कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ वामपंथी छात्रों का धर्मतला में प्रदर्शन शनिवाद देर रात तक जारी रहा. छात्रों की प्रदर्शन के कारण धर्मतला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गयी. वामपंथी छात्र शनिवार सुबह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे का विरोध कर […]
इससे पहले, प्रधानमंत्री के दौरे के खिलाफ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कोलकाता हवाई अड्डे के बाहर और राज्य के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को प्रदर्शन किया. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हवाई अड्डे के बाहर एकत्र होकर मोदी के खिलाफ नारेबाजी की तथा मांग की कि उन्हें महानगर में उतरने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए.
इधर, पीएम के दौरे का विरोध करते हुए युवा कांग्रेस अध्यक्ष शादाब खान व छात्र परिषद के अध्यक्ष सौरभ प्रसाद के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजभवन के करीब ललित ग्रेट इस्टर्न होटल के पास प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका. एसएफआइ के कार्यकर्ता यादवपुर विश्वविद्यालय, गोलपार्क, कॉलेज स्ट्रीट, हाथीबगान और धर्मतला के पास हाथों में पोस्टर लेकर जमा हुए, जिन पर ‘फासीवाद के खिलाफ छात्र’ जैसे नारे लिखे हुए थे.
एसएफआइ नेता देबराज देबनाथ ने कहा : हम प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करते हैं, जो भेदभाव से भरे संशोधित नागरिकता कानून, राष्ट्रीय नागरिक पंजी और जेएनयू में भगवा ताकतों द्वारा किये गये हमले के पीछे हैं. उन्होंने कहा : हम मोदी, अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं के दौरे के खिलाफ हैं, जो बंगाल के लोगों को विभाजित कर रहे हैं.
मोदी के पहुंचने से पहले ही विद्यार्थियों के अलग-अलग समूहों व राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रदर्शन किया गया. ‘गो बैक मोदी’ के नारे के साथ कई जगह पुतले जलाये गये. वाममोर्चा समर्थित कई छात्र संगठन इस प्रदर्शन में शामिल हुए. एसएफआइ द्वारा महानगर में पांच जगहों पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया गया. जादवपुर, 8बी बस स्टैंड, गोलपार्क, धर्मतला, सेंट्रल एवेन्यू (कॉलेज स्ट्रीट) व हाथीबागान में एसएफआइ, आइसा युवा संगठन, फोरम ऑफ आर्ट्स स्टूडेंट्स, यूएसडीएफ द्वारा प्रदर्शन किया गया. एसएफआइ के जिला सचिव देवराज देवनाथ ने कहा : हम शुरू से ही एनआरसी व सीएए का विरोध कर रहे हैं.
भाजपा सरकार देश में विभाजन की नीति के तहत कैंपस में हिंसा फैला रही है. यहां प्रदर्शन के दाैरान पीएम की खिल्ली उड़ानेवाले पोस्टर व बैनर के साथ रैली निकाली. भारी संख्या में विद्यार्थियों ने एकत्रित होकर कॉलेज स्क्वायर से लेकर प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी तक रैली निकाली. प्रेसिडेंसी की छात्रा रीमा दास ने कहा कि हम यह संदेश देना चाहते हैं कि देश के शैक्षणिक संस्थानों में जो हिंसा की राजनीति शुरू की गयी है, उसे कोलकाता में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.
राजनीति से परे हट कर इस मुद्दे पर सबको एकजुट होने की जरूरत है. कुछ छात्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री जहां-जहां जायेंगे, हम वहां-वहां जाकर विरोध करेंगे. गोल पार्क में विद्यार्थियों ने काले गुब्बारे हवा में उड़ाये. उनपर ‘गो बैक’ स्लोगन लिखा हुआ था. विद्यार्थियों ने नो एनआरसी, नो सीएए, नो एनपीआर सड़क के बीचोंबीच लिख कर अपना विरोध जताया. एक छात्र ने बताया कि अब कोलकाता की सड़कें व गलियां भी मोदी को चले जाने के लिए कह रही हैं.